रनाथॉन में साड़ी पहनकर शामिल हुईं महिलाएं।
अनूपशहर। नगर में परदादा परदादी संस्था की ओर से रविवार को रनाथॉन-आओ साथ चलें नामक सामूहिक दौड़ का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय शिक्षा से सशक्तीकरण रही। इसमें पांच हजार से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। ग्रामीण क्षेत्र की करीब 500 से अधिक महिलाएं भी साड़ी और पारंपरिक परिधान पहनक शामिल हुईं।
अनूपशहर की सड़कों पर रविवार सुबह एक साथ पांच हजार से अधिक लोग बेटियों के सशक्तीकरण और उनके सम्मान के संदेश के साथ दौड़े। रनाथॉन के दसवें संस्करण में विद्यालयों, गांवों, स्वयं सहायता समूहों, परदादा परदादी स्कूल की छात्राओं और ग्रामीणों के साथ पेशेवर धावकों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एपीएल अपोलो फाउंडेशन की हेड-सीएसआर नोनिका राज कुमार रहीं।
संस्था के अध्यक्ष लोकेंद्र पाल सिंह ने बताया कि रनाथॉन की शुरुआत बेटियों के शिक्षा और खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई थी। इस वर्ष पांच किलोमीटर और दस किलोमीटर की गैर-प्रतियोगी दौड़ आयोजित की गई। पांच किलोमीटर दौड़ में आठ वर्ष और 10 किलोमीटर दौड़ में 14 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
संस्था की सीईओ सपना वर्मा ने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और साहस बढ़ाने का माध्यम हैं। कार्यक्रम में अल्ट्रा रनर अंबिका चौहान नायर, एंड्योरेंस रनर एवं रनिंग कम्युनिटी के संस्थापक मुकुंद नायर, परदादा परदादी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य केके शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।