कड़ाके की ठंड और गलन को देखते हुए डीएम ने बृहस्पतिवार को भी एक से कक्षा आठ तक के बच्चों का अवकाश रहने का आदेश जारी कर दिया है।
डीएम ने बुधवार को आदेश जारी कर यह भी निर्देश दिया है कि आदेश का अफसर सख्ती से पालन करें। डीएम बी चंद्रकला ने आदेश जारी किया है कि ठंड अधिक है और ऐसे में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर एक दिन का और अवकाश किया जा रहा है।
यदि ठंड जारी रही तो अवकाश की तिथि बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया है कि अवकाश का सख्ती से पालन किया जाए।
उधर कार्यवाहक बीएसए विनोद कुमार का कहना है कि डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को भी कक्षा आठ तक सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे जबकि अध्यापकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने हिदायत दी है कि स्कूल में अनुपस्थित मिलने वाले टीचरों पर कार्रवाई होगी।
अभिभावकों ने की छुट्टी बढ़ाने की मांग
गलन से कांप रहे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्कूलों की छुट्टी बढ़ाए जाने की मांग की है।
अभिभावक अनिल कुमार, राजीव शर्मा और टीकम सिंह का कहना है कि ठंड अधिक है और ऐसे में प्रशासन को कम से कम रविवार तक अवकाश कर देना चाहिए।
उधर उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री सत्यवीर सिंह यादव ने प्रशासन से मांग की है कि कक्षा 12 तक के स्कूलों की तब तक छुट्टी कर दी जाए जब तक गलन जारी है। डीएम बी चंद्रकला का कहना है कि मौसम के मुताबिक आगे निर्णय लिया जाएगा।
खुले स्कूल, ठिठुरते हुए पहुंचे बच्चे
जिलाधिकारी के आदेश का इंतजार कर रहे बच्चा को भले ही बुधवार की छुट्टी खुशी की खबर हो लेकिन स्कूल संचालकों के आगे जिलाधिकारी के आदेश हवाई साबित हुए।
कई स्कूल संचालकों ने अपनी मनमानी करते हुए स्कूल खोले। शिकारपुर में गोमली देवी स्मारक, मां भगवती संस्था के कान्वेंट स्कूल, जूनियर हाईस्कूल और इन्टरमीडियेट कॉलेज, आरडी स्कूल खुले।
खास बात यह रही कि संबंधित अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार का निरीक्षण नहीं किया गया। नौनिहाल कड़ाके की सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूल गए।
कार्यवाहक बीएसए विनोद कुमार का कहना है कि जिन स्कूलों ने आदेशों का पालन नहीं किया। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।