शीतलहर, पारा, धुंध और गलन से राहत नहीं मिल नहीं पा रही है। रविवार की सुबह धुंध की छाई सफेद चादर ने वाहनों की गति पर ब्रेक लगा दिया और गलन ने सबको बेहाल कर दिया।
दोपहर को निकली धूप ने कुछ राहत दी। मौसम विशेषज्ञ अभी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जता रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम के आंकड़े विशेषज्ञों का गणित भी बिगाड़ रहा है। शीतलतर, धुंध, पारा और गलन का कहर जारी है। रविवार सुबह की शुरूआत धुंध और पाले के साथ हुई, जिससे गलन बढ़ गई।
दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई तथा जगह-जगह अलाव जलाकर ठिठुरन से बचने का प्रयास किया। रविवार होने के कारण छोटे बच्चे और बुजुर्गों के अलावा सभी ने देर से रजाई छोड़ी और चाय की चुस्की लेकर ठंड दूर करने का प्रयास किया।
धूप निकलने के बाद ही कुछ राहत मिली। मगर धुंध में वाहनों की गति कम रही। रविवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 6 डिग्री रहा जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 6 डिग्री रहने की संभावना जताई जा रही है।
बढ़ रही गलन गेहूं की फसल को फायदेमंद है जबकि आलू और सरसों की फसल सहित सब्जी की फसलों को नुकसान की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उधर मौसम विशेषज्ञ डॉ. विवेकराज का कहना है कि मौसम आंकड़ों का गणित बिगाड़ रहा है। उन्होंने शीतलहर, पारा, धुंध और गलन जारी रहने की संभावना जताई है।