बलूचिस्तान में चल रहे आजादी के आंदोलन को समर्थन देने के लिए जिले के बलूच पंचायत करेंगे। बकरीद के बाद होनेवाली इस पंचायत में छह गांवों के बलूच शामिल होंगे। पाकिस्तान में बलूचों के साथ हो रहे जुल्म को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने के लिए इन गांवों के लोग प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी मिलेंगे ।
जिल के छह गांव बलूच बाहुल्य हैं। तीन गांवों में प्रधान बलूच समुदाय से हैं। चंदेरू गांव की प्रधान शबाना ने बताया कि शाहनगर, चंदेरू, ताजपुर, गिरोरा, महमदपुर और अगौता में बलूचों की खासा तादाद है। चंदेरू समेत ताजपुर और महमदपुर में बलूच प्रधान हैं।
निर्णय लिया गया है कि बलूचिस्तान के मसले पर बलूच समुदाय एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुजारिश करेगा कि भारत बलूचिस्तान के बाशिंदों के दर्द को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करें और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के बीच बेनकाब करें।
बलूच प्रधान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी गुजारिश करेंगे कि वह भी बलूचों पर हो रहे अत्याचार को सारी दुनिया के सामने लाएं। बकरीद के बाद इस मामले को लेकर बलूच समुदाय पंचायत भी करेगा।
चंदेरू के बलूच प्रधान शबाना, ताजपुर के सलीम और महमदपुर के प्रधान शाहजफर डीएम को ज्ञापन भी सौंपेंगे शबाना ने बताया कि पाकिस्तान में बलूचिस्तान के बाशिंदों पर पाकिस्तानी सेना जुल्म ढा रही है। हाल ही में 18 बलूचों का अपहरण कर लिया गया था।
हम जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बलूचिस्तान का मामला अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की गुजारिश करेंगे। - शबाना बलूच प्रधान, चंदेरू