खेत में गेहूं-धान की फसल का डंठल जलाने पर किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिनए बाकायदा, डीएम को गांव-गांव में निगरानी कमेटी बनाने का निर्देश केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिया है।
दिल्ली में हुई बैठक में एडीएम वित्त ब्रिजेश कुमार और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में कहा गया कि खेत में कृषि अपशिष्ट जलाने पर खेत की उपजाऊ परत उर्वर नहीं रहती। साथ ही कृषि अपशिष्ट से निकले विषैले धुएं और जहरीली गैस से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
इसपर अंकुश लगाने के लिए पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के सभी प्रांतों से जिलाधिकारी और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अफसरों को दिल्ली में बुलाया गया था। बैठक में अफसरों से कहा गया कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए।
गांवों में पांच पांच सदस्यों की समिति गठित की जाए। समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी गांव में ऐसी हरकतों को रोकने के साथ साथ इसकी जानकारी प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचाने की होगी।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ब्रजेश कुमार ने बताया कि आदेश को सख्ती से पालन कराया जाएगा। एडीएम ने यह भी बताया कि कृषि विभाग किसानों को रोटावेटर सब्सिडी पर देगा। रोटावेटर से धान और गेहूं के जड़ और तने को मिट्टी में मिलाने में मदद मिलेगी।