अनूपशहर/अहार/नरौरा। हरिद्वार व बिजनौर से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा में बाढ़ की स्थिति है। पानी खतरे के निशान तक पहुंच चुका है। घाट को जाने वाले मार्गों पर पानी भर गया है। प्रशासन बैरियर लगाकर इन मार्गों पर वाहनों का आवागमन रोक दिया है। इसके अलावा गंगा के किनारे वाले गांवों में फसलें डूब गई हैं। ऐसे में पशुओं के चारे का संकट गहराने लगा है। किसान बर्बाद हो रही फसलों का मुआवजा मांग रहे हैं।
अनूपशहर सिंचाई विभाग के एई अनुज तिवारी ने बताया कि शुक्रवार सुबह 1.80 लाख क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया है। बृहस्पतिवार को 2.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे पहले भी पानी छोड़े जाने के बाद इसका असर अब जिले में दिखाई देने लगा है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से अनूपशहर व अहार क्षेत्र के गंगा किनारे बसे आठ गांवों रूड बांगर, शेरपुर बांगर, हसनपुर, सिरोरा, बच्ची खेड़ा और तोरई समेत अन्य के खादर क्षेत्र से पानी खेतों से अब घाटों पर जाने वाले मार्गों पर पहुंच गया है।
किसानों की फसलें पानी में डूब चुकी हैं। सिद्ध बाबा गंगा घाट पर वाहन जाने के लिए लगाए गए बैरियर पर उपनिरीक्षक सुनील कुमार और होमगार्ड पुष्पेंद्र कुमार को तैनात कर पूरी तरह से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है। घाट मार्ग पर तीन जगहों पर गंगा का पानी कटान कर रहा है। जबकि शनिवार को श्रावण मास पूर्णिमा होने के कारण शुक्रवार दोपहर बाद से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
वहीं, लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बैराज पर पानी की आवक 2,32,000 क्यूसेक प्रति सेकंड हो रही है। ऐसे में यहां पर गंगा नदी से सटे क्षेत्र में किनारे पर स्थित खेतों में खड़ी फसलों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिसे देख किसान चिंतित हैं। नरौरा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि गंगा नदी में कुल पानी की आवक आवक की 2.32 लाख क्यूसेक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 2.21 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है । जबकि एलसीसी नहर में 7039 एवं पीएलजीसी नहर में 4939 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है। सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि नियंत्रण कक्ष से बढ़ते जल स्तर की निरंतर जानकारी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को दी जा रही है। अनूपशहर एसडीएम प्रियंका गोयल व डिबाई के एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट करने के साथ आपदा मित्र तैनात किए गए हैं। बाढ़ सुरक्षा समितियां को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
किसानों ने की मुआवजे की मांग
गंगा नदी में लगातार पानी बढ़ने से क्षेत्र के आठ गांवों के किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गईं हैं। कई जगह खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। वहीं, खेतों पर जाने वाले मार्गों पर भी पानी भरा हुआ है। गांव तोरई निवासी किसान मोरध्वज ने बताया कि गंगा के पानी से खादर क्षेत्र की सैकड़ों बीघा फसल ईख, धान,मक्का, बाजरा ज्वार तथा सब्जी करेला, लौकी व अरबी आदि फसलें जलमग्न हो गई हैं। खेतों में अधिक पानी भरने व निकासी ना होने पर फसल बर्बाद होने से किसानों को काफी नुकसान होगा। ग्राम प्रधान जयवीर सिंह बंटी ने प्रशासन से किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। प्रभावित किसान गंगासरन, कलुवा, मोरध्वज, करनपाल, हेतराम, गोपी व वीरपाल आदि एक रात में गंगा का जलस्तर करीब डेढ़ फीट बढ़ जाने से फसलों को नुकसान होगा। इस समय उनके सामने चारे का भी संकट गहराने लगा है।