एनजीटी के आदेश पर काली नदी के डूब क्षेत्र में बनाए गए 180 आशियानों को प्रशासन गिराने की तैयारी कर रहा है। इनको अपने मकानों को गिराने के लिए 28 दिसंबर तक का समय दिया गया है। जिन मकानों का निर्माण अभी चल रहा है, उनको 15 दिसंबर तक गिराने का नोटिस भेजा गया है।
नोटिस मिलने के बाद से ही काली नदी से 200 मीटर की जद में आए मकान मालिकों में हड़कंप मचा है। बीडीए ने इनको पक्ष रखने के लिए 12 दिसंबर का समय दिया था। नाराज लोगों ने बीडीए ऑफिस पर जोरदार हंगामा किया, जिससे इनका पक्ष नहीं सुना जा सका।
बुलंदशहर विकास प्राधिकरण ने एनजीटी के निर्देश पर काली नदी के 200 मीटर के डूब क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित करने के लिए वहां रहने वाले 180 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। 28 नवंबर को जारी नोटिसों में अपने आवास गिराने के लिए एक महीने का समय दिया गया था।
एक माह में निर्माण न हटाने पर बीडीए की तरफ से इनको गिराने की चेतावनी दी थी। 12 दिसंबर को लोगों को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था। नोटिस के बाद इन मकानों में रहने वालों लोगों को अपना आशियाना छिनने का डर सता रहा है। तब से वह आए दिन प्रदर्शन कर विरोध जता रहे हैं।
सोमवार को सैकड़ों लोगों ने प्राधिकरण दफ्तर पहुंचकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोह है कि जब निर्माण अवैध था तो उनके नाम रजिस्ट्री क्यों की गईं? फर्जीवाड़ा करके उन्हें फंसाया गया और अब मकान गिराने की चेतावनी दी जा रही है।
विरोध करने वालों में मोहम्मद युसूफ, सलीम, आस मोहम्मद, मोहम्मद आलम, हसमत अली, सलमान मोहम्मद, अली मोहम्मद, सलमा, परवेज आलम आदि रहे।
एनजीटी के निर्देश पर नोटिस जारी किए गए हैं। कानून से बढ़कर कोई नहीं है। नोटिस जारी करने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है। कोर्ट और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मणिकांत गुप्ता, एक्सईएन, बीडीए