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यूरिया घोटाला: 13 समिति और दुकानों के लाइसेंस निलंबित

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यूरिया घोटाला : 13 समिति और दुकानों के लाइसेंस निलंबित
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बुलंदशहर। जनपद में हुए यूरिया घोटाले में 13 समिति और उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निलंबित हो गए हैं। इनमें शामिल नौ समितियों के सचिवों का निलंबन भी तय माना जा रहा है। डीएम ने जांच रिपोर्ट मिलने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दो उर्वरक की दुकानों पर कार्रवाई के लिए कृभको और इफको के अफसरों को पत्र भेजा है। दो प्राइवेट उर्वरक की दुकानों पर भी कार्रवाई हुई है। सभी को 15 दिन का समय देकर उनसे स्पष्टीकरण मांग लिया है।
केंद्र सरकार ने जनपद के 20 ऐसे किसानों की सूची जिला प्रशासन को भेजी थी, जिनको समितियों और उर्वरक की दुकानों द्वारा 8709 यूरिया के कट्टे बेच दिए थे। यह सूची मिलने पर डीएम रविंद्र कुमार के आदेश पर इस पूरे प्रकरण की जांच की गई तो यूरिया घोटाले का खुलासा होने में देर नहीं लगी। जांच में सूची में शामिल सभी नौ समितियों और चार उर्वरक विक्रेताओं की गलत तरीके से यूरिया बिक्री करने का खुलासा हुआ। इतना ही नहीं सूची में शामिल जिनको यूरिया बेचा गया था, उनमें समिति के चौकीदार, चपरासी और पल्लेदार भी शामिल रहे। एक उर्वरक की दुकान से अलीगढ़ के किसान को यूरिया बेचने का खुलासा हुआ। सूची में शामिल आधे से अधिक के नाम जमीन नहीं है तो गलत नाम और पते पर भी यूरिया बेचने का मामला सामने आया। कुल मिलाकर जनपद में यूरिया बिक्री में घोटाला सामने आया। जांच रिपोर्ट मिलने पर अब डीएम ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही 13 समिति और उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। नौ समितियों के सचिव का निलंबन तय है। इसके लिए सहायक निबंधक/ आयुक्त सहकारिता को पत्र लिख दिया है। दो उर्वरक की दुकानों पर कार्रवाई के लिए स्टेट मैनेजर इफको और स्टेट मैनेजर कृभको को पत्र लिख दिया है। वहीं, दूसरी ओर दो प्राइवेट उर्वरक की दुकानों का जिला कृषि अधिकारी की ओर से उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। डीएम ने सभी को 15 दिन का समय देकर उनसे स्पष्टीकरण भी मांग लिया है। आदेश के तहत यह सभी अब आगामी 15 दिन तक उर्वरक आदि की बिक्री नहीं कर सकेंगे। अंतिम कार्रवाई के बाद ही दुकानों को छोड़कर समितियों पर उर्वरक आदि की बिक्री होगी।
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यूरिया घोटाले में इन पर गिरी है गाज
जनपद में हुए यूरिया घोटाले में इन समिति और उर्वरक की दुकानों पर गाज गिरी है। इनमें किसान सेवा सहकारी समिति अगौता, साधन सहकारी समिति सरावा, साधन सहकारी समिति अहमदानगर, सिकंदराबाद क्रय विक्रय समिति सिकंदराबाद, साधन सहकारी समिति घमरावली, साधन सहकारी समिति राजौर, किसान सेवा सहकारी समिति लौहरा, साधन सहकारी समिति भिरौली और साधन सहकारी समिति खंखूड़ा रहमापुर के अलावा इफको किसान सेवा केंद्र जहांगीराबाद, कृषक भारती सेवा केंद्र जहांगीराबाद, राधे फर्टिलाइजर अनूपशहर और आईएफडीसी कृषक सेवा केंद्र भीमपुर दोराहा शामिल हैं। डीएम की ओर से की गई इस कठोर कार्रवाई से समिति के सचिवों और उर्वरक विक्रेेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
डीएम के आदेश पर जनपद में हुए यूरिया घोटाले में शामिल 13 समिति और उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। नौ समिति के सचिवों का निलंबन तय है। साथ ही सभी से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, बुलंदशहर
सहकारी समितियों पर यूरिया की कमी बरकरार
बुलंदशहर। जनपद में सहकारी समितियों पर यूरिया की कमी बरकरार है। इस बार माह जुलाई के अंतिम सप्ताह से ही जनपद में यूरिया की कमी होने लगी। इसके चलते किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वह यूरिया के लिए भटकने को मजबूर हो गए। इसी बीच 29 जुलाई को यूरिया की एक रैक पहुंची तो किसानों ने कुछ राहत ली। लेकिन तीन अगस्त को पहुंचने वाली रैक नहीं मिलने से एक बार फिर यूरिया की कमी खलने लगी। इसके बाद लगातार यूरिया की कमी से किसान खासे परेशान रहे। यह अलग बात रही कि प्राइवेट दुकानों पर यूरिया उपलब्ध रहा। लेकिन मांग अधिक होने के कारण वहां भी यूरिया की कमी होने लगी। गत कई दिन पहले यूरिया की रैक आने से प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की कमी दूर हो गई। जबकि सहकारी समितियों पर यूरिया की कमी लगातार बनी हुई है। समिति पर यूरिया नहीं मिलने के कारण किसान प्राइवेट दुकानों से खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों ने शासन और प्रशासन से सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग की है। दूसरी ओर जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह का कहना है कि इस समय अब प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की कमी नहीं है। सहकारी समितियों पर भी यूरिया उपलब्ध करवाने के लिए लगातार शासन से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने संभावना जताई कि सहकारी समितियों पर यूरिया की कमी जल्द दूर हो जाएगी। जल्द ही जनपद में यूरिया की रैक पहुंचने वाली है।
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