डीएम संग सेल्फी लेने के मामले में प्रशासन ने बृहस्पतिवार को शहर के समाजसेवियों, शिक्षाविदों, महिला संगठन, अधिवक्ताओं की आम राय जानी।
कलक्ट्रेट सभागार में सभी ने एकमत होकर डीएम द्वारा आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई को वाजिब ठहराया और सेल्फी लेने के तरीके का विरोध किया। शाम को महिलाओं और शहर के मोअज्जिज लोगों ने शहीद चौक पर सांकेतिक रूप से कैंडल मार्च भी निकाला।
गौरतलब है कि दो दिन पहले एक युवक ने डीएम के दफ्तर में उनकी बिना मर्जी के सेल्फी लेने की कोशिश की थी। रोकने पर उसने हंगामा किया। इस पर उसका चालान कर दिया गया था।
इस बाबत बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में एडीएम प्रशासन विशाल सिंह ने पूछा कि अपने परिवार की महिला के साथ अंजान व्यक्ति को सेल्फी लेने की इजाजत कोई दे सकता है?
चोरी छिपे सेल्फी लेने वाले को क्या माफ करना ठीक होगा। सभी बोले नहीं और इस कृत्य का विरोध किया। शहर की संभ्रांत महिलाओं ने भी आरोपी युवक पर की गई कार्रवाई को वाजिब ठहराया।
मैं मीटिंग ले रही थी। एक युवक बिना इजाजत के सेल्फी ले रहा था। मना करने पर वह स्टाफ से भी भिड़ गया।
-बी चंद्रकला, डीएम।
आर्य कन्या इंटर कालेज की प्रिंसिपल अनिता भारद्वाज ने कहा कि बिन अनुमति महिला अधिकारी की सेल्फी लेने वाला मासूम नहीं हो सकता। गौरी शंकर कन्या महाविद्यालय की प्रिंसिपल अंशू बंसल ने कहा कि चोरी छिपे सेल्फी लेने का मकसद युवक की मानसिकता को दर्शाता है।