सीमा पार से मिल रहे थे निर्देश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद उमर और फैजान के रूप में हुई है। मोहम्मद उमर जुल्फिकार का पुत्र है, जबकि फैजान शमीमुद्दीन का पुत्र है। दोनों कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव अकबरपुर के निवासी हैं। एटीएस को काफी समय से इनकी संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिल रही थी। तकनीकी निगरानी और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर टीम ने छापेमारी की। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों आरोपी पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी से जुड़े थे। वे उसके नियंत्रक आबिद जट्ट के संपर्क में भी थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन्हें सीमा पार से निर्देश मिल रहे थे। ये स्थानीय स्तर पर आतंकी तंत्र को मजबूत करने में जुटे थे।
पूछताछ और आगे की जांच
एटीएस के अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। एटीएस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे किन-किन लोगों के संपर्क में थे। उन्हें पाकिस्तान से क्या-क्या निर्देश प्राप्त हो रहे थे। किसी बड़े हमले की तैयारी को लेकर भी उनसे पूछताछ की जा रही है।
आतंकी तंत्र का खुलासा
जांच एजेंसियों के अनुसार, ये आरोपी पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी के तंत्र का हिस्सा थे। शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। ये संदिग्ध पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुप्त आतंकी इकाई बनाने की फिराक में थे। उनका उद्देश्य महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी जुटाना था। इसके बाद वे आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
अभियान और गिरफ्तारियां
पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के आतंकी तंत्र के खिलाफ अभियान जारी है। इस अभियान के तहत अब तक कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एटीएस ने इस तंत्र से जुड़े 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उमर और फैजान की गिरफ्तारी इसी अभियान का हिस्सा है। एटीएस इस तंत्र की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।