मजदूरी करता था अजय
कोतवाली क्षेत्र के न्यू किला रोड स्थित गोकुल विहार कॉलोनी निवासी घनश्याम ने बताया कि उनका मंझला बेटा अजय (22) पॉटरी में मजदूरी करता था। 15 जून, सोमवार को वह घर से पॉटरी के लिए गया था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने अजय को फोन किया, जिसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा था। इसके बाद उन्होंने आस पास तलाश की और दोस्तों से भी पूछा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
सीसीटीवी से मिला सबूत
16 जून, मंगलवार शाम को परिजनों ने मामले की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने इसमें गुमशुदगी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने अजय की तलाश के लिए सीसीटीवी खंगाले। इसमें अजय एक अन्य युवक के साथ जंक्शन मार्ग पर जाते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने उस युवक की पहचान पीड़ित परिजनों से कराई तो वह अजय का दोस्त था। पुलिस ने दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
दोस्तों ने दिया थी सीपीआर
इसमें सीओ खुर्जा शोभित कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी दोस्त आयुष ने बताया कि सोमवार सुबह वह, अजय, धर्मेंद्र और लाला चारों टैना गांव स्थित स्विमिंग पूल में नहाने गए थे। जहां नहाते हुए अजय पानी के अंदर ही रह गया और ऊपर नहीं आया। तीनों दोस्तों ने उसको बाहर निकाला और पीसीआर देकर होश में लाने का प्रयास किया। जब अजय को होश नहीं आया तो धर्मेंद्र के ऑटो में उन्होंने उसको बैठाया और अस्पताल ले जाने लगे।
अस्पताल के बजाय नहर में फेंका शव
बीच रास्ते में आरोपियों को एहसास हुआ कि अजय की मौत हो गई। इसके बाद वह पुलिस कार्रवाई से डर गए। फिर वह सीधा अलीगढ़ जनपद के गभाना क्षेत्र में चले गए और अजय के शव को सूखी हुई नहर में फेंक दिया। पूछताछ के बाद पुलिस टीम तुरंत आरोपियों की बताई हुई जगह पर पहुंचे। जहां पर अजय का शव नहर के किनारे झाड़ियों में अटका हुआ था। शव को बाहर निकला गया और परिजनों से शिनाख्त कराई गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम जांच के लिए भेज दिया गया। साथ ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पर देरी का आरोप
आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर परिजनों ने पहले कॉलोनी में हंगामा किया। इसके बाद शव को देरी से ढूंढने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मंदिर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे सीओ ने परिजनों को समझाया और शांत किया। इसके बाद परिजन वापस घर लौट गए।
फरीदाबाद से लौटने पर पार्टी करने गए थे दोस्त
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि धर्मेंद्र फरीदाबाद में दुकान करता था। कुछ महीने पहले लाला को भी अपने साथ वहीं पर काम पर लगा लिया। रविवार रात को दोनों दोस्त फरीदाबाद से खुर्जा स्थित घर पर आए थे। इसी के चलते सोमवार को सभी ने पार्टी करने की योजना बनाई और धर्मेंद्र के ऑटो में बैठकर स्विमिंग पूल पर नहाने चले गए थे। उनकी बेवकूफी ने उनको हत्यारोपी का धब्बा लगा दिया।
बेटी की करनी थी शादी, छह में से चार करते थे मजदूरी
पीड़ित पिता घनश्याम ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी भी करनी थी। ऐसे में परिवार के लोग घर चलाने और शादी के लिए धन जोड़ने के लिए मजदूरी करते थे। घनश्याम आईस क्रीम की ठेली लगाते हैं। उनका बड़ा बेटा विशाल टैना गांव स्थित पॉटरी और मंझला बेटा अजय (22) जीटी रोड पर मुंडाखेड़ा चौराहा स्थित पॉटरी में मजदूरी करता था। छोटा बेटा दीपक स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। आर्थिक सहयोग के लिए पत्नी हेमलता घरों में झाडू पोछा लगाती थी।
पुलिस का बयान
स्विमिंग पूल पर लगे सीसीटीवी में देखा गया कि अजय की मौत आकस्मिक हुई और आरोपियों ने पीसीआर देने का भी प्रयास किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों की पुष्टि होगी, लेकिन किसी की मौत को छिपाने और शव को फेंकने का अपराध तीनों दोस्त ने किया है। इसी के तहत गुमशुदगी की रिपोर्ट में धारा तरमीम की जाएंगी। आरोपी आयुष, धर्मेंद्र व लाला को गिरफ्तार कर लिया गया है। - शोभित कुमार, सीओ खुर्जा।