पहासू। पलड़ा झाल से पहासू की ओर आने वाले मार्ग पर हीरापुर गांव के पास 33 केवी क्षमता की विद्युत लाइन नीचे लटक रही थी। रविवार रात 33 केवी विद्युत लाइन अज्ञात वाहन में अटक कर टूट गई। ऐसे में पहासू समेत आस-पास के 56 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार को बिजली गुल रहने से पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ा। शाम छह बजे बिजली आपूर्ति फिर से बहाल हो गई।
पहासू के बनैल गांव विद्युत उपकेंद्र से ही कस्बे और आस-पास के 56 गांवों में विद्युत सप्लाई होती है। यहीं से सभी जगह के फीडर की विद्युत लाइन जुड़ी हैं। ऊर्जा निगम के एसडीओ ने बताया कि रविवार रात को पलड़ा झाल के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन ओवरलोड वाहन की चपेट में आने से टूट कर गिर गई। 33 केवी लाइन के सात स्पेन के तार, इंसुलेटर, क्रॉस आर्म टूट गए थे। इस कारण सभी जगह की आपूर्ति प्रभावित हो गई थी।
वहीं, दीघी गांव निवासी प्रवीण शर्मा ने बताया कि रविवार रात करीब आठ बजे अचानक अंधेरा पसर गया। आस-पास के अन्य गांव में भी आपूर्ति ठप हो गई थी। पूरी रात बिना बिजली के रहना पड़ा। सोमवार सुबह जानकारी मिली कि फॉल्ट होने के कारण आपूर्ति चालू होने में समय लगेगा। वहीं बिजली नहीं होने के कारण पानी की किल्लत भी बनी रही। सोमवार को शाम छह बजे तक आपूर्ति फिर से बहाल हो चुकी है।
फसल की सिंचाईं और गेहूं निकालने के लिए जेनरेटर का सहारा
बनैल गांव निवासी अमित कुमार ने बताया कि उधर ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति न होने के कारण किसानों को गन्ने व धान की फसलों में सिंचाई के लिए जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा। वहीं, फसल से गेंहू अलग करने के लिए भी बिजली नहीं मिल सकी। ऐसे में किराये पर जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा।
इन गांवों में रही परेशानी
बनैली, सोही, साबितगढ़, अटेरना, दीघी, कमौना, सुरजावली, खुमरपुर, सीतमपुर, महुआखेड़ा, वेदरामपुर, रसूलगढ़, खंडाहर, कसूनी, फतीहाबाद आदि।
पहासू फीडर में लाइन के आठ क्रॉस आर्म, 11 इंसुलेटर तथा स्पेन के तार क्षतिग्रस्त हुए थे। शाम तक आपूर्ति बहाल हो चुकी है। - अमित कुमार, एक्सईएन, ऊर्जा निगम