खुर्जा देहात के बहरोबास में आत्महत्या की घटना में मृतका नेहा का फाइल फोटो। संवाद
खुर्जा। देहात थाना क्षेत्र के बहरोबास गांव में बुधवार रात मोबाइल चोरी के झूठे आरोप से परेशान और पढ़ाई छूटने के डर से बीए की छात्रा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी पड़ोसी छात्रा को ताने व जेल भेजने की धमकी देकर प्रताड़ित कर रहे थे। मामले में छात्रा के पिता ने आरोपी पड़ोसी दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
पीड़ित प्रमोद कुमार ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी 18 वर्षीय नेहा खुर्जा के एकेपी डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। नेहा सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग भी कर रही थी। मंगलवार को गांव निवासी जगदीश के घर से मोबाइल गायब हो गया। जगदीश और उसकी पत्नी सुधा ने नेहा पर मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया। जगदीश का कहना था कि पीड़ित की घर की छत से कोई उसके घर में गया और मोबाइल चुरा लिया।
आरोपी नेहा को बार-बार मुकदमा दर्ज कराने और जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। बुधवार सुबह करीब सात बजे पड़ोसी दंपती जोर-जोर से शोर मचाने लगे और नेहा को अपशब्द कहने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी गाली-गलौज की। इस दौरान नेहा ने रोते हुए मोबाइल चोरी न करने की बात कही थी लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। बुधवार शाम करीब पांच बजे नेहा ने घर में रखी गेहूं में लगाने वाली सल्फास की गोली खा ली। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
भाई से कहा था- मैंने नहीं की चोरी
नेहा के छोटे भाई जागेश्वर ने बताया कि नेहा शुरू से ही खुद को बेगुनाह बता रही थी। अस्पताल में उपचार के दौरान भी वह बोल रही थी कि भाई मैंने चोरी नहीं की है। यदि पड़ोसी ने पुलिस को बुला लिया तो परिवार की बदनामी होगी और उसकी पढ़ाई छूट जाएगी। आरोपी सुधा गांव में भी यह बात फैला रही थी, इससे नेहा को बदनामी का डर सताने लगा था।
पड़ोसी युवती पर मोबाइल चोरी का आरोप लगा रहे थे। इसी बात से परेशान होकर युवती ने आत्महत्या कर ली। पिता की तहरीर पर आरोपी जगदीश और उसकी पत्नी सुधा के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। - भास्कर मिश्रा, सीओ खुर्जा