खुर्जा। दशहरा स्थित टीएचडीसीआईएल के सुपर थर्मल पावर प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी यूनिट का बृहस्पतिवार को ट्रायल सफल हुआ। जल्द ही यूनिट से विद्युत का वाणिज्यिक उत्पादन और आपूर्ति शुरू हो जाएगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश को 427.5 मेगावाट, राजस्थान को 140 मेगावाट, उत्तराखंड को 26 मेगावाट और अन्य आवंटित क्षेत्रों में 66 मेगावाट की आपूर्ति दी जा रही है। दूसरी यूनिट चालू होने पर यह आपूर्ति दोगुनी हो जाएगी।
परियोजना के कार्यकारी निदेशक कुमार शरद ने बताया कि कंपनी की ओर से तैयार किए सुपर थर्मल पावर प्लांट में 660- 660 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट तैयार की गई है। इसमें यूनिट एक का जनवरी 2025 को संचालन भी शुरू हो गया। टीएचडीसीआईएल के तकनीकी निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अप्रैल में यूनिट-2 के बॉयलर का ट्रायल हुआ था।
बृहस्पतिवार को यूनिट-2 को ग्रिड से जोड़ कर आपूर्ति भेजने का ट्रायल किया गया, जो सफल रहा। जल्द ही यूनिट का वाणिज्यिक संचालन शुरू हो जाएगा। इससे प्लांट से उत्पादन होने वाले 1320 मेगावाट विद्युत को निर्धारित प्रदेशों में भेजा जाएगा। ट्रायल के दौरान जीएम बीके साहू, आरएम दुबे, शैलेश ध्यानी, संदीप भटनागर, एनके भट्ट, आईडी तिग्गा, दिलीप कुमार द्विवेदी आदि माैजूद रहे।
कोट
यह उपलब्धि केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि विकास का संदेश है। इस प्लांट से उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों में विद्युत संबंधित समस्या दूर होगी। कंपनी की ओर से पहली यूनिट के संचालन के बाद से विद्युत आपूर्ति प्रदेशों में भेजी जा रही है। दोनों यूनिट चालू होने पर विद्युत उपलब्धता दोगुनी हो जाएगी। - आरके विश्नोई, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल
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कैसे होती है ग्रिड से विद्युत सप्लाई
कंपनी के एचआर विभाग से प्रभात कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को दूसरी यूनिट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन हुआ है। इस प्रक्रिया में थर्मल पावर प्लांट की ओर से उत्पन्न विद्युत को राष्ट्रीय या क्षेत्रीय विद्युत ग्रिड से जोड़ा जाता है। इसमें वोल्टेज, आवृत्ति और फेज को ग्रिड के मानकों के अनुसार मिलाना आवश्यक होता है। पावर प्लांट से उत्पन्न विद्युत को ट्रांसफार्मर में भेज कर नियत किया जाएगा। इसके बाद ट्रांसफार्मर से पारेषण (ट्रांसमिशन) लाइन में भेजी जाएगी। इस लाइन से अलग-अलग जगह के उपकेंद्रों पर सप्लाई होगी। जहां से आवासीय, औद्योगिक व अन्य जगह कनेक्शन पर पर बिजली सप्लाई होगी।