बुलंदशहर। माली की मढैया में पुल का निर्माण पूरा करने के लिए अब सिंचाई विभाग की ओर से गाइड वन (बांध) बनाया जाएगा, जिससे पुल के निर्माण के दौरान कोई बाधा न आए। सेतु निगम के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। पुल निर्माण शुरू करने से पहले गंगा नदी को चैनलाइज किया जाएगा और फिर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
ऊंचागांव क्षेत्र में माली की मढैया से अमरोहा को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर 83 करोड़ रुपये की लागत से करीब एक किमी लंबे पुल का निर्माण वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। पुल का निर्माण वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना था। पहले मई 2024 पुल के तीन बीम गिर गए थे, इसके बाद अमरोहा की ओर गंगा ने कटान कर दिया।
अब निर्माण को पूरा करने के लिए करीब 400 मीटर अतिरिक्त पुल का निर्माण करना होगा। गंगा का बहाव अधिक होने और अधिक कटान के कारण निर्माण से पहले अधिकारियों ने आईआईटी रुड़की की टीम से मॉडल स्टडी कराई थी। इंजीनियरों ने सुझाव दिया कि दोबारा निर्माण शुरू करने से पहले गाइड वन (बंध) बनाते हुए गंगा नदी को चैनलाइज किया जाए।
मुरादाबाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लिखा पत्र
मॉडल स्टडी की रिपोर्ट के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने मुरादाबाद खंड के सिंचाई विभाग अधिकारियों को गाइड वन बनाने के लिए पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी इसके लिए प्रस्ताव तैयार करेंगे और स्वीकृति के बाद गाइड वन बनाने की कार्रवाई की जाएगी। गाइड वन की प्रक्रिया के बाद ही सेतु निगम के अधिकारी पुल के अतिरिक्त हिस्से के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करेंगे।
डेढ़ साल से अधिक करना होगा पुल के लिए इंतजार
बताया जा रहा है कि अभी पुल के अतिरिक्त हिस्से का प्रस्ताव तैयार करने में करीब छह माह लगेंगे और इसके बाद शासन से स्वीकृति व बजट जारी किया जाएगा। इस तरह से निर्माण पूरा होने में डेढ़ साल से अधिक का समय लग सकता है।
पुल की मॉडल स्टडी के आधार पर गाइड वन बनाते हुए गंगा को चैनलाइज किया जाना है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। गाइड वन बनाए जाने के बाद ही पुल के अतिरिक्त हिस्से के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - शशिभूषण वार्ष्णेय, प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम