खुर्जा। अरनिया के गांव दशहरा में स्थित टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) प्लांट में बृहस्पतिवार को 660 मेगावाट यूनिट का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। अब इस यूनिट में जल्द विद्युत उत्पादन शुरू हो जाएगा। यहां से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान के लिए बिजली की आपूर्ति होगी। बताया जा रहा है कि फरवरी के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्लांट का शुभारंभ करेंगे।
टीएचडीसी प्लांट के परिसर में 660-660 मेगावाट की दो यूनिट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। एक यूनिट का निर्माण पूरा हो चुका है। इसका 72 घंटे का ट्रायल भी सफल रहा। बृहस्पतिवार को यूनिट-1 के 72 घंटे के ट्रायल और सभी परीक्षण पूरा होने के बाद खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (केएसटीपीपी) के व्यावसायिक संचालन की घोषणा भी की गई।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि यूनिट एक के सफल संचालन की उपलब्धि प्लांट प्रबंधन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तकनीकी निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना की उपलब्धि के साथ खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र बनेगा। जब अक्षय ऊर्जा संसाधन अप्रत्याशित होंगे, तभी सतत और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
परियोजना के कार्यकारी निदेशक (ईडी) कुमार शरद ने कहा कि यूनिट एक का 72 घंटे का ट्रायल पूरा होने के साथ पावर प्लांट जल्द शुरू किया जाएगा। निदेशक कुमार शरद और महाप्रबंधक बीके साहू ने बताया कि पावर प्लांट फ्ल्यू गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम और तकनीकी मशीनों से लैस है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। इस दौरान आरएम दुबे, शैलेश ध्यानी, अनिल त्यागी, एनके भट्ट, अरविंद यादव, एके विश्वकर्मा और टीएचडीसी, एनटीपीसी, ईपीआईएल, बीएचईएल और एलएमबी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
2026 में दूसरी यूनिट का भी होगा संचालन
टीएचडीसी प्लांट से बिजली का उत्पादन शुरू होने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में बिजली संकट को दूर करने में सहायता मिलेगी। प्लांट से उत्पादित बिजली की आपूर्ति उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान में की जाएगी। इससे इन राज्यों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा। टीएचडीसी परिसर में 660 मेगावाट की दूसरी यूनिट का निर्माण अभी चल रहा है। प्लांट प्रबंधन के निर्माण पूरा होने में छह से आठ माह का समय लगेगा। इसके बाद इस यूनिट में भी ट्रायल के बाद बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
नरौरा में 700-700 मेगावाट की दो यूनिट लगाने की चल रही प्रक्रिया
नरौरा स्थित एटॉमिक पावर स्टेशन में फिलहाल 220-220 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। 700-700 मेगावाट की दो नई यूनिट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए विभाग के अधिकारियों ने सर्वे पूरा कर लिया है और विभागीय स्तर पर ही इसकी प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि 2025 के अंत तक इन दोनों यूनिट के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति मिल जाएगी।
प्लांट की एक यूनिट का बृहस्पतिवार को ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। दूसरी यूनिट का निर्माण चल रहा है। यूनिट एक के व्यावसायिक संचालन की घोषणा भी की गई है। प्लांट के सभी अधिकारी और कर्मचारियों के सहयोग से सफल ट्रायल संभव हो पाया। - आरके विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी