नगर पंचायत की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण मुक्त अभियान के विरोध में बुधवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दीं। साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष के पति पर धमकी देने का आरोप लगया। विरोध में बाजार बंद कर व्यापारी धरने पर बैठ गए। नगर पंचायत अध्यक्ष पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
'व्यापारियों का उत्पीड़ हो रहा'
व्यापारियों का आरोप है कि पॉलीथिन जब्त अभियान के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सांसद प्रतिनिधि मनोज गर्ग ने बताया कि पॉलीथिन वसूली के नाम पर व्यापारियों के चालान काटे जा रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों से जबरन वसूली की जा रही है। नगर पंचायत कर्मचारी शांति पूर्व चालान नहीं काटकर व्यापारियों के साथ अभद्रता कर रहे हैं।
व्यापारियों में है डर का माहौल
व्यापारी अनिल गंगल का कहना है कि नगर पंचायत की ओर से अतिक्रमण मुक्त अभियान के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। काफी स्थानों पर स्थाई अतिक्रमण किया गया है, जहां पर एक बार भी कार्रवाई नहीं जाती है। व्यापारी का सामान बाहर चला जाए तो चालान काट दिया जाता है या सामान जब्त कर लिया जाता है। ऐसे में व्यापारी दुकान लगाने से भी डरते हैं।
'अतिक्रमण के नाम पर भेदभाव'
व्यापारी रोहित कौशिक का कहना है कि अतिक्रमण के नाम पर भेदभाव किया जाता है। कुछ दुकानों की ओर कर्मचारी कभी नहीं जाते। व्यापारी गौरव जादौन का कहना है कि एक दुकान पर नगर पंचायत कर्मी पॉलीथिन जब्त करने गए। जहां कुछ कर्मचारियों ने दुकानदार को बाहर बातों लगा लिया और कुछ काउंटर में से छिपकर रैक खींचने लगे, जिसका वीडियो भी दुकान पर मौजूद सेल्समैन ने बना लिया।
आरोप है कि इस कार्रवाई से नाराज होने पर नगर पंचायत अध्यक्ष के पति से वार्ता करने पर उन्होंने उल्टा धमकी दे डाली। साथ ही बाजारों में सुविधाओं जैसे शौचालय, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था व सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। धरने के दौरान दिनेश वर्मा, हर्ष वर्धन शर्मा, बंटी तिवारी, दीपक गुप्ता, महेश कुमार, विनय गंगल, बिट्टू, राकेश सिंघल आदि मौजूद रहे।
पॉलीथिन विरोधी अभियान शासन के निर्देश पर समय समय पर चलाया जाता है। जो निरंतर चलते रहते हैं। उन पर और उनके पति पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। कस्बे को पॉलीथिन और अतिक्रमण मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है।
- ताबीर अजमल, अध्यक्ष, नगर पंचायत, पहासू