बुलंदशहर। बकाया जीएसटी पर जुर्माने और ब्याज को माफ किए जाने से व्यापारी वर्ग में खुशी का माहौल है। हालांकि जिन व्यापारियों ने जुर्माना और ब्याज जमा किया है, उन्हें इसका रिफंड मिलेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक के बकायेदारों पर लगाई गए जुर्माने और ब्याज को माफ किया है। बैठक के दौरान इस पर सहमति बनने से जिले में करीब 15 हजार व्यापारियों को सीधे तौर पर लाभ होगा। चार्टर्ड एकाउंटेंट मुकुल शर्मा ने बताया कि 18 फीसदी की दर से जीएसटी की धनराशि पर ब्याज लगाया जाता है। ऐसे में एक लाख रुपये की जीएसटी पर चार साल में करीब 72 हजार रुपये ब्याज व्यापारियों को जमा करना होता है। अब व्यापारियों को इस ब्याज की छूट मिली है।
इसके अलावा एक लाख रुपये की जीएसटी पर 20 हजार रुपये के जुर्माने पर भी छूट दी गई है, जिससे व्यापारी वर्ग और उद्यमी खुश हैं। मुकुल शर्मा ने बताया कि यदि जीएसटी रिटर्न फाइल करने से पहले टैक्स जमा कर दिया गया है और समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं तो ऐसी स्थिति में रिटर्न दाखिल करने के दौरान ब्याज नहीं देना होगा। इसके अलावा डिब्बा बंद दूध, पैकिंग बॉक्स और सोलर कुकर पर जीएसटी की दर 12 फीसदी किए जाने से भी व्यापारियों को राहत मिलेगी।
बोले व्यापारी
जीएसटी पर ब्याज और जुर्माना माफ करने का फैसला व्यापारियों के हित में है। अपील संबंधी प्रकरण में भी पूरी तरह से राहत मिलनी चाहिए। इसके अलावा जिन व्यापारियों ने जुर्माना व ब्याज जमा किया है, उन्हें इसका रिफंड मिलना चाहिए। - राजेंद्र अग्रवाल, चेयरमैन, उद्योग व्यापार मंडल
जीएसटी काउंसिल में डिब्बा बंद दूध समेत अन्य सामान पर जीएसटी की दर कम करना अच्छा कदम है। जुर्माने और ब्याज पर छूट के साथ जीएसटी देने वाले व्यापारियों को सुरक्षा बीमा भी देना चाहिए। ब्याज और जुर्माना माफ किए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ कम होगा। - दीपू गर्ग, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश