हजरत बाबा बेफ्रिक शाह की दरगाह पर चल रहे 58 वें सालाना उर्स में गुरुवार देर रात कव्वाली मुकाबले का आयोजन किया गया।
इसमें दूर दराज से आए कव्वालों ने बाबा की शान में एक से बढ़ कर एक कलाम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में भीड़ के चलते पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने में मशक्कत करनी पड़ी।
कव्वाली मुकाबले का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष व समाजसेवी सोनू पाठक ने बाबा की दरगाह पर चादर पोशी व फीता काटकर किया।
उद्घाटन के बाद कव्वाल साधना शुक्ला ने ‘बाबा तेरी दरगाह के सामने मेरे मकान की खिड़की हो, सुबह उठते ही तुझे सजदा करूं मैं’, पेश किया।
वहीं मुज्जफरनगर से आए शमशाद बादशाह ने ‘तेरी रहमत मिल जाए, जिंदगी सुधर जाए’ कौव्वाली पेश की। सुबह तक चले इस मुकाबले में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस मौके पर गद्दीनशीं सूफी गुलाम दस्तगीर ने सोनू पाठक समेत मौजूद गणमान्य व्यक्तियों को पगड़ी बांध कर सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम से पूर्व समाजसेवी सोनू पाठक ने पुख्ता बाजार स्थित एक धर्मशाला में गरीब व बेसहारा लोगों को पांच सौ कंबल वितरित किए।
इस मौके पर सुधीर बीबा, जेपी शर्मा, गौरव बंसल, अजय कौशिक, हरीश सिसौदिया, परवेज आलम, सुलतान चौधरी, बब्लू खां, केशव प्रधान, वतन गौड़, राजीव खदाना, प्रवीन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सईद खां ने किया।