संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। अरनिया थाना क्षेत्र के गांव नगर में पिता-पुत्र पर हमला करने वाले चारों आरोपियों के विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी अधिनियम विजय पाल के न्यायालय ने दोषी माना है। न्यायालय ने चारों दोषियों को तीन-तीन साल कारावास और सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक विपुल कुमार राघव और रश्मि सोलंकी ने बताया कि साल 2012 में वादी मुकदमा प्यारेलाल ने अरनियां थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया था कि 21 जुलाई 2012 को वादी अपने बेटे विष्णु कुमार के साथ खेत में पानी लगाकर लौट रहा था। रास्ते में पहले से खड़े रिंकू, अशोक, मनोज और फिरोज निवासी गांव नगर थाना अरनियां ने उनके साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर फावड़े और लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मामले में न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर चारों आरोपियों को दोषी मानकर सजा सुनाई।