तीन दिन बाद मंगलवार को बैंक खुले जरूर लेकिन दो घंटे में बैंकों का खजाना खाली हो गया। कैश खत्म होने की घोषणा के बाद भी ग्राहक बैंकों में डटे रहे। करेंसी नही मिलने पर पीएनबी सिविल लाइन और एसबीआई मोतीबाग के बाहर लोगों ने हंगामा भी किया।
मोतीबाग स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स की शाखा में ग्राहकों को चार-चार हजार रुपये बांटे गए। मुकेश 10 हजार रुपये का चेक लाया था। उससे दूसरा चेक चार हजार कर राशि का भरवाया गया और चार हजार रुपये दिए गए।
मुकेश ने बताया उसको बहन के ससुराल में भात लेकर जाना था, मगर नोटबंदी के चलते वह ऐसा नहीं कर पाया। सिविल लाइन इलाहाबाद में भी दोपहर होने से पहले कैश खत्म हो गया।
इलाहाबाद बैंक की दूसरी शाखाओं का भी ऐसा ही हाल रहा। इलाहाबाद बैंक के प्रबंधक मुकुल जोहरी का कहना है कि मंगलवार को कैश नहीं पहुंचा। बुधवार को भी कैश नहीं आएगा। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद कैश आने की उम्मीद है।
पीएनबी सिविल लाइन, पीएनबी डीएम रोड, पीएनबी यमुनापुरम में भी ग्राहकों की लंबी कतार रही। यहा भी दोपहर होते होते कैश खत्म हो गया। वहीं एटीएम पर लंबी कतार लगी रही। बैंकों को मामूली रकम मिलने से आम आदमी को थोड़ी राहत जरूर मिली। मगर पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने से मकसद पूरा नहीं हो सका।
गुलावठी में पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक के बाहर सुबह पांच बजे से ही कतारें लग गईं तथा लाइन में लगने को लेकर धक्का मुक्की होती रही। नगर के सभी एटीएम 35वें दिन भी लगातार बंद रहे। जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। कैश की किल्लत के चलते बाजारों एवं अनाज मंडी में कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा।
सिकंदराबाद में चार बैंकों ने कैश नहीं बांटा, वही कुछ बैंकों का लंच टाइम तक कैश समाप्त हो गया। बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौता, कार्पोरेशन बैंक, सिंडीकेट बैंक में कैश नहीं होने के कारण सुबह से बैंक के बाहर लाइन में लगे लोग को एक फिर मायूस होना पड़ा। एचडीएफसी में लंच टाइम तक कैश समाप्त हो गया।
पंजाब नेशल बैंक, बैंक ऑफ पटियाला ने 10 हजार रूपये तक ही खाताधारकों को दिए। कैनरा बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स ने केवल चार हजार रूपये तक भुगतान किया। केबल एसबीआई ने लोगों को 24 हजार रूपये का भुगतान किया।
शिकारपुर में कैश की कमी के कारण पीएनबी से ग्राहकों को केवल दो हजार का ही भुगतान किया गया जबकि एसबीआई ने दस हजार तक का भुगतान किया। एसबीआई के प्रबन्धक मुनुप कुमार का कहना है कि बैंक को जो पैसा ऊपर से प्राप्त हो रहा है उसी के अनुरूप ग्राहकों को वितरित किया जा रहा है।
वहीं बैंकों के बाहर लगी भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सीओ चन्द्रधर गौड़ ने भी बैंकों का निरीक्षण किया और लोगों को धैर्य रखकर लाइन में लगने के निर्देश दिए।
पीएनबी को 12 करोड़ रुपये मिला था। करेंसी नाकाफी थी। इसलिए बैंकों को थोड़ा-थोड़ा एकाउंट देकर काम चलवाया। एसबीआई को भी पांच करोड़ मिले थे। इलाहाबाद बैंक को पैसा नहीं मिल पाया। इसलिए वहां अधिक दिक्कत रही। - सतपाल मेहता, लीड बैंक मैनेजर
कैशलेस बैंकिंग की जानकारी के लिए पीएनबी अफसरों ने लगाए कैंप
पंजाब नेशनल बैंक ने कैशलेस बैंकिंग के तहत पीएनबी किट्टी एवं पीएनबी यूपीआई के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जहांगीराबाद, शिकारपुर, यमुनापुरम, बुलंदशहर, कलैक्ट्रेट ऑफिस तथा जीटी रोड अलीगढ़ स्थित विक्रम कॉलोनी, अलीगढ़ में शिविर लगाए।
इन शिविरों में एलडीएम सतपाल मेहता, देवेश महाजन, केदार जोशी, पंकज कुमार, अमित सांखला, नीलम चौधरी, नेहा गुप्ता, गगनदीप कौर, जितेंद्र कुमार एवं नवीन जायसवाल ने लगभग 225 लोगों को पीएनबी किट्टी एवं पीएनबी यूपीआई के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। पंजाब नेशनल बैंक ने 14 दिसंबर 2016 को भी ऐसे ही कैंप बुलंदशहर तथा अलीगढ़ में आयोजित करने का निर्णय लिया है।