बुलंदशहर। जिले की 946 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 मई को समाप्त हो जाएगा। अभी तक शासन से आगामी निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। साथ ही अभी गांव के विकास की कार्ययोजना भी तैयार नहीं हो सकी है।
पिछले कुछ दिनों से अटकलों के बीच ग्राम पंचायत चुनाव की तैयारियां अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। अंतिम मतदाता सूची 10 जून को जारी होने की संभावना है। इससे साफ है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद तुरंत चुनाव कराना संभव नहीं होगा। ्र
पंचायतों का आरक्षण भी अब तक निर्धारित नहीं हो सका है। ऐसे में पंचायतों का कार्यकाल समाप्ति के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियमानुसार कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन इस संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों और योजनाओं के संचालन को लेकर असमंजस बना हुआ है।
जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा का कहना है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका संचालन किस तरह होगा, इसके लिए शासन से निर्देश जारी किया जाएगा।
बताया कि जिले में वित्त वर्ष 2025-26 में गांव के विकास के लिए मिली राशि से ही शेष बचे काम कराए जा रहे हैं। अधिकतर ग्राम पंचायतों के पास विकास की राशि खर्च हो चुकी है। गांव के विकास पर खर्च की गई राशि का ब्योरा एकत्रित किया जा रहा है। अभी शासन स्तर पर ही कार्ययोजना फीड की जा रही है।
वहीं, दूसरी ओर मौजूदा ग्राम प्रधान की मांग है कि जब तक चुनाव नहीं होते हैं तो प्रशासक न बनाकर उन्हें ही प्रधान पद पर रखा जाए। जिला प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष जगपाल मावई ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि जब तक चुनाव नहीं होता तब तक मौजूदा ग्राम प्रधानों को पद से नहीं हटाया जाए।