बुलंदशहर। सर्दी बढ़ने के साथ हृदय और गठिया रोग के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने पर मरीजों को फिजिशियन या अन्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना पड़ रहा है। शनिवार को ओपीडी में हृदय रोग, गठिया रोग के मरीजों के अलावा सर्दी, जुकाम, बुखार और त्वचा संबंधी परेशानी के मरीज अधिक रहे। वहीं, इमरजेंसी में सांस व हृदय रोग के चार मरीज पहुंचे।
पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही सर्दी और सर्द हवाओं से जिला चिकित्सालय में सामान्य दिनों की अपेक्षा इन दिनों हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सालय में पहले से इलाज करा रहे मरीजों के अलावा नए मरीज भी आ रहे हैं। ओपीडी में पहले जहां नाममात्र मरीज हृदय रोग के आते थे, इन दिनों इनकी संख्या 20 से 30 तक पहुंच रही है। जबकि चिकित्सालय में पिछले कई वर्षाें से हृदय रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चलता आ रहा है।
ऐसे में मरीजों को फिजिशियन या अन्य चिकित्सक से परामर्श व इलाज कराना पड़ रहा है। वहीं, इन दिनों गठिया रोग का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के मामले भी बढ़े हैं। इनमें अधिकांश मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है। शनिवार को जिला चिकित्सालय की ओपीडी में हृदय और गठिया रोग के अलावा सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा के मरीज अधिक रहे। जबकि, इमरजेंसी में सीने में दर्द की समस्या लेकर करीब चार मरीज पहुंचे। इनमें दो को रेफर किया गया।
सर्द मौसम में दिल पर पड़ता है असर
आईएमए अध्यक्ष व वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. एसके गोयल ने बताया कि सर्द मौसम का सबसे ज्यादा असर दिल के रोगियों पर पड़ता है। इस समय अस्पतालों में हृदय रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं। हृदय रोगियों के लिए सुबह चार से दस बजे तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। ऐसे मरीज सावधानी बरते। ठंड में दिल को मजबूत रखने के लिए पौष्टिक आहार लें। इससे शरीर तो स्वस्थ रहेगा, वहीं दिल भी सेहतमंद रहेगा। अपने आहार में हरी सब्जियां, नट्स और ड्राई फ्रूट, दूध आदि को शामिल करें।
Iओपीडी में इन दिनों हृदय और गठिया रोग के अलावा सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा के मरीज अधिक आ रहे है। सभी को परामर्श और दवा दी जा रही है। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालयI