बुलंदशहर। शहर और खुर्जा के वायु प्रदूषण में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से सुबह-शाम की हवा जहरीली हो रही है। शनिवार को खुर्जा का 231 तो बुलंदशहर का 208 एक्यूआई मापा गया। एक्यूआई में गिरावट नहीं हुई तो आंखों में जलन एवं सांस लेने में परेशानी की समस्या बढ़ जाएगी। वहीं, रविवार एवं सोमवार को दिवाली पर आतिशबाजी छोड़े जाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के और बढ़ने का अनुमान है।
एक सप्ताह से शहर का एक्यूआई 200 के पार चल रहा है। बुलंदशहर में पिछले चार दिन से ग्रैप लागू है लेकिन धरातल पर इसका असर दिखता नजर नहीं आ रहा। पर्यावरणविद राजेंद्र पथिक ने कहा कि दिवाली पर वायु प्रदूषण न बढ़े इसके लिए लोगों को कम से कम आतिशबाजी का प्रयोग करना चाहिए।
आतिशबाजी का धुंआ कर सकता है बीमार
दिवाली पर आतिशबाजी सेहत पर भारी पड़ सकती है। खासकर अस्थमा और एलर्जी के मरीज आतिशबाजी से दूर रहे। मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. रजत कुमार ने बताया कि आतिशबाजी का धुआं और धूलकण वायु की गुणवत्ता खराब करते हैं। आतिशबाजी में रसायन जैसे सल्फऊर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड वायुमंडल में मिलकर जहरीला धुआं बनाते हैं जो फेफड़ों में सूजन, गले में खराश, खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं पैदा करते हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को आतिशबाजी से दूर रखें।
आतिशबाजी के समय ये बरतें सावधानी
: खुले मैदान में सुरक्षित दूरी बनाकर आतिशबाजी जलाएं।
: आंखों को धुएं से बचाने के लिए चश्मा जरूर पहनें।
: अधजले आतिशबाजी को हाथ न लगाएं, पानी भरी बाल्टी पास में रखें।
कोट
मौसम बदलने एवं हवा बंद रहने से भी एक्यूआई में उतार-चढ़ाव हो रहा है। - विमल कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी