खेलते-खेलते दो साल की बच्ची गन्ना कोल्हू के गुड़ की खौलती चाशनी में गिर गई। वहां काम कर रहे लोगों ने देखा तो आनन-फानन किसी तरह उसे बाहर निकाला। बच्ची बुरी तरह से झुलस गई थी। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुजफ्फरनगर निवासी नरेश अपने परिवार के साथ शाहपुर गांव के मोड़ पर गन्ने का कोल्हू चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मंगलवार रात करीब 8 बजे नरेश की दो वर्षीय बेटी वंदना गन्ने के कोल्हू के पास खौल रही गुड़ की चाशनी के पास पहुंच गई। खेलते-खेलते वह खौलते हुए गुड़ की चाशनी के टब में गिर पड़ी।
वहां काम कर रहे मजदूरों ने देखा तो दौड़ पड़े। लोगों में अफरातफरी मच गई। किसी तरह चाशनी मे सनी बच्ची को टब से निकाला गया और आनन-फानन में निजी क्लीनिक पर ले जाया गया।
बच्ची की हालत को गंभीर देखते हुए चिकित्सक ने हायर मेडिकल के लिए दिल्ली सफदरजंग रेफर कर दिया गया। उधर इस घटना से बच्ची के मां-बाप में चीख-पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था।
दर्दनाक मंजर देखकर मची अफरातफरी
खेलते-खेलते खौलते हुए गुड़ की चाशनी में बच्ची गिरने बच्ची बुरी तरह से झुलस गई थी। दर्दनाक मंजर जिसने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। जलने से बच्ची के शरीर से खाल अलग हो गई थे। बच्ची की चीख सुनकर लोग अपने आंखों के आंसू नहीं रोक पाए। वहीं बच्ची के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।