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अब गोद लेकर सुधारी जाएगी क्षय रोगियों की सेहत

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अब गोद लेकर सुधारी जाएगी क्षय रोगियों की सेहत
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बुलंदशहर। प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों की तरह अब आम नागरिक भी क्षय रोगियों को गोद ले सकेंगे। गोद लिए जाने से क्षय रोगियों की सेहत सुधारने का प्रयास किया जाएगा। जिले में एक हजार क्षय रोगियों को गोद लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरूआत कल यानी 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस से होगी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इच्छुक लोगों के आवेदन पर क्षय रोगियों को गोद दिया जाएगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार देश को 2025 से पूर्व क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए जुटे हुए हैं। क्षय रोगियों को बीमारी से छुटकारा दिलाते हुए उनकी सेहत सुधारने के लिए प्रदेश स्तर पर अभियान चल रहा है। साथ ही क्षय रोग के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जिससे लोग लक्षण दिखते ही मरीजों की जांच कराने के साथ इलाज करवा सकें। वहीं, अब क्षय रोगियों को गोद देने की योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत आम नागरिक क्षय रोगियों को नियमित दवा लेने और सेहत का विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित करेंगे। वहीं, जब क्षय रोगी की सेहत बेहतर हो जाएगी तो गोद लेने वाले व्यक्ति को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
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क्षय रोगियों को बीमारी से छुटकारा दिलाते हुए उनकी सेहत सुधारने के लिए जिले में एक हजार क्षय रोगियों को गोद लेने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए डीएम द्वारा सीडीओ, सीएमओ, जिला क्षय रोग अधिकारी, समस्त एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विकास खंड अधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी व जिला कृषि अधिकारी आदि को पत्र भेजा है।
खानपान की व्यवस्था करेंगी संस्थाएं
स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार संस्थाएं क्षय रोगियों को गोद लेने के बाद उनके खानपान की व्यवस्था करेंगी। क्षय रोगियों को प्रोटीन से भरपूर खुराक डाइट ी जाती है। इसमें चना, गुड़ आदि शामिल होता है। यही नहीं, महीने में एक बार क्षय रोगी के घर जाकर हालचाल भी लेना होगा। गोद लेने के पीछे उद्देश्य है कि संबंधित व्यक्ति क्षय रोगी से समय-समय पर मिलेगा। उसे नियमित दवा खाने के लिए प्रेरित करेगा। उधर, सरकार की ओर से क्षय रोगियों को निशुल्क दवाएं और 500 रुपये महीना मिल ही रहा है।
इन्हें ले सकते हैं गोद
- बाल क्षय रोगी
- वयस्क महिला/पुरुष क्षय रोगी
- ड्रग रेजिस्टेंट/कोमार्बिडिटी वाले क्षय रोगी
जनपद समेत देश को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए विश्व क्षय रोग दिवस पर एक हजार क्षय रोगियों को गोद दिया जाएगा। जिससे क्षय रोगियों को उत्तम पोषण उपलब्ध हो सके। इसके लिए गोद लेने वाले आम नागरिक या संस्था के पदाधिकारी को क्षय रोगी को अपने स्रोत से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना होगा। - चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम
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जिले के क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए संस्थाओं और आम नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है। जनपद समेत देश को क्षय मुक्त बनाने के लिए आम नागरिक इस पहल में शामिल हों। इससे क्षय रोगियों की सेहत भी सुधर सकेगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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