स्याना कांड : तीन साल के बाद भी इंसाफ का इंतजार
बुलंदशहर। तीन साल पहले स्याना में हुए बवाल के बाद इंस्पेक्टर की हत्या मामले में अभी भी पीड़ितों को इंसाफ का इंतजार है। यह प्रकरण एडीजे 12 के न्यायालय में विचारीधीन है, इसमें अब तक 24 तारीखें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों पर आरोप सिद्ध नहीं हो सका है।
स्याना की चिंगरावठी चौकी के गांव महाब में तीन दिसंबर 2018 को गोकशी के मामले में हिंदूवादी संगठन व अन्य ग्रामीणों ने एक ट्राले में गोवंशों के अवशेष लादकर चिंगरावठी चौकी पहुंच जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते हंगामा बवाल में तब्दील हो गया, जिसमें तत्कालीन स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि, चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रकरण में 90 दिन बाद जांच कर एसआईटी ने 38 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल की थी। जिनमें से पांच आरोपी प्रशांत, लोकेंद्र, राहुल जॉनी और डेविड पर हत्या का आरोप लगाया। जबकि, 33 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश व बलवे की अन्य धाराएं लगाई गईं। मामले को तीन वर्ष का समय बीत चुका है। वर्तमान में 38 आरोपियों के खिलाफ मामला एडीजे 12 के न्यायालय में विचाराधीन है। ट्रायल के दौरान अब तक 24 तारीखें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों पर आरोप सिद्ध नहीं हो सका है। साथ ही हत्यारोपी प्रशांत, लोकेंद्र और राहुल अभी भी जिला कारागार में निरूद्ध हैं। जबकि, हत्यारोपी जॉनी और डेविड जमानत पर बाहर चल रहे हैं। वहीं, मृतक इंस्पेक्टर के परिजन जल्द से जल्द मामले में न्याय मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
बीते दिनों चार आरोपियों के हुए एनबीडब्ल्यू
न्यायालय में विचाराधीन स्याना कांड में आरोपी पवन, हेमू, कलवा, अंकुर और आशीष न्यायालय में तारीख पर हाजिर नहीं हो रहे थे। जिस पर न्यायालय ने पांचों आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किए। जिसके तहत दो दिन पूर्व उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
आखिर कहां है पिस्टल, सवाल बरकरार
बताया गया था कि वारदात के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की लाइसेंसी पिस्टल गायब हो गई थी। पुलिस ने उक्त पिस्टल की तलाश में तमाम कोशिशें की, लेकिन पिस्टल का कहीं कोई सुराग नहीं लग सका। वहीं, अब पिस्टल की बरामदगी के प्रयास भी ठंडे बस्ते में जा चुके हैं।
आरोपी अब बन गए जननेता
स्याना हत्याकांड के आरोपी तत्कालीन बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज और सतेंद्र वर्तमान में अपने-अपने क्षेत्रों के जननेता बन चुके हैं। योगेश राज बीते दिनों हुए जिला पंचायत चुनाव में अपने क्षेत्र से निर्दलीय ही चुनाव जीते हैं। जबकि, आरोपी सतेंद्र अपने गांव से प्रधानी का चुनाव जीतकर वर्तमान में स्याना ब्लॉक के प्रधान संगठन के अध्यक्ष हैं।
विचाराधीन है मामला
मामला न्यायालय में विचाराधीन है, अभी आरोपियाें पर आरोपी सिद्ध नहीं हुआ है। अब तक ट्रॉयल के दौरान 24 तारीखें हो चुकी हैं।
- ब्रूनो भूषण, अधिवक्ता
पिस्टल की तलाश जारी
इंस्पेक्टर की पिस्टल की तलाश अभी भी जारी है। मोबाइल उनके उसी दौरान बरामद कर लिए गए थे। जल्द ही पिस्टल भी बरामद कर ली जाएगी।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी