फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा और कब्जे के दौरान खेत की खड़ी फसल पर जेसीबी चलाने के विरोध में चल रहे किसानों के धरने के समर्थन में शुक्रवार को कांग्रेस, बसपा, भाजपा आदि पार्टियों के नेता पहुंचे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह अपने पार्टी के बड़े नेताओं को यहां बुलाएंगे।
वहीं दूसरी ओर धरने के समर्थन में कई और गांवों के किसान पहुंचे। किसानों ने कहा कि अगर उनको हक नहीं मिला तो आगामी विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। धरना स्थल पहुंचे सिकंदराबाद कांग्रेस प्रभारी डॉ अशोक सोलंकी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह राहुल गांधी को भी बुलाएंगे, लेकिन किसानों पर अत्याचार नहीं होने देंगे।
वहीं बसपा प्रभारी खुर्जा अर्जुन सिंह इलना ने भी किसानों को अपना समर्थन देते हुए उनकी मांग को जायज बताया। भाजपा के श्यामलाल जाटव आदि भी धरने में शामिल हुए । गौरतलब हो कि पिछले कई माह से फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे को लेकर किसानों का आंदालन चल रहा है।
6 सितंबर को पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने मैनामौजपुर गांव में अधिग्रहित भूमि की खड़ी फसल पर जेसीबी चलाकर कब्जा करने का प्रयास किया। इसे लेकर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। प्रशासन ने किसानों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था।
इसके विरोध तीसरे दिन भी किसानों का बेमियादी धरना जारी रहा। धरने के समर्थन में शुक्रवार को और भी कई गांवों के लोग पहुंचे और अपना समर्थन दिया। धरने का संचालन सुग्रीव सोलंकी ने किया। रघुनाथ सिंह, चौ. मेघसिंह, चौ. रमेश सिंह, धर्मवीर सिंह, टीकम सिंह, उदयवीर सिंह, मुख्तार सिंह केहर सिंह, अजय चौधरी मौजूद रहे।
पुलिस के उठाने के बावजूद डटे रहे किसान
बृहस्पतिवार रात टीम के साथ पहुंचे कोतवाली प्रभारी धनंजय सिंह ने किसानों को समझा-बुझा कर धरने से उठाने का प्रयास किया। बावजूद इसके किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होगी उनका धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। वहीं इंस्पेक्टर धनंजय मिश्रा ने कहा कि कुछ नेता टाइप के लोग मामले को भट्टा पारसौल बनाने में लगे लेकिन ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।