बेटी के एडमिशन को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पिता तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंच गए हैं। स्कूल प्रबंधन पर बेटी को एडमिशन नहीं देने और धमकाने का आरोप लगाते हुए पिता आठ फरवरी से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे थे।
सोमवार को डीएम को ज्ञापन देने के बाद वह भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिला अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
जहांगीराबाद के मोहल्ला छपियान निवासी अशोक कुमार शर्मा की बेटी का नगर के एक स्कूल में कक्षा नौ में एडमिशन नहीं हुआ था।
पिता का आरोप है कि स्कूल की ओर से डोनेशन की मांग की गई और नहीं देने पर उन्हें स्कूल से भगा दिया गया। इस पर अशोक शर्मा आठ फरवरी से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे हुए थे।
गत सोमवार को विद्यालय की प्रधानाचार्य, प्रबंधक आदि स्टाफ कलक्ट्रेट भी पहुंचे थे और एडीएम के समक्ष वार्ता हुई थी। सोमवार को पीड़ित पिता ने डीएम को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और कार्रवाई नहीं होने तक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
अशोक का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उन पर दबाव बनाने के साथ धमकी भी दे रहा है। बुधवार को अशोक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अशोक का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। समाचार लिखे जाने तक अशोक जिला अस्पताल में भी भूख हड़ताल किए हुए हैं। उन्होंने कुछ भी खाने से इंकार कर दिया।
सीएमएस डॉ. डीके सिंघल ने बताया कि अशोक का जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। ब्लड प्रेशर भी सामान्य नहीं है।
स्कूल प्रबंधन ने नकारे आरोप
डॉ. अनूपलाल बंसल बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक गौरव बंसल ने अशोक शर्मा के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि छात्रा को प्रवेश नहीं देने का आरोप निराधार है। छात्रा के परिजन प्रवेश फार्म लेकर गए थे, लेकिन उसे जमा नहीं किया।