विधानसभा चुनाव फतह करने के लिए पुरजोर कोशिश में जुटी भाजपा की नजर अब सपा-बसपा के वोटों पर भी है। सत्ता में आने का सपना संजोए भाजपा नेता मुस्लिम-दलित वोटों में सेंध लगाने की कोशिश में जुटे हैं।
बीजेपी मंडलों में अनुसचित मोर्चा सम्मेलन करा रही है, उनमें एक सम्मेलन मेरठ में सोमवार को है। वहीं पार्टी की मुस्लिम विरोधी छवि को भी हटाने के लिए डोर टू डोर प्रयास कर रही है। 2017 यूपी विधानसभा जीतने के लिए भाजपा कोई दांव बाकी नहीं छोड़ना चाहती है।
बसपा के दलित वोट बैंक और सपा के मुस्लिम वोट बैंक पर भी भाजपा की नजर है। भाजपा किसी भी तरह इस वोट बैंक में सेंध लगाना चाहती है। मुस्लिम मतदाताओं को जोड़ने के लिए डोर टू डोर अभियान चला रही है, जिसमें मुस्लिम परिवारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चलाई गई योजनाएं के बारे में बताया जा रहा है।
भाजपा को पता है कि सिर्फ सवर्ण वोटबैंक के बल पर चुनाव नहीं जीता जा सकेगा। इसमें ओबीसी मतदाताओं के साथ यदि थोड़े दलित और मुस्लिम वोट मिल गए तो पार्टी को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकेगा।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी संख्या में दलित वोट मिले थे, लेकिन भाजपा को पता है कि विधानसभा चुनाव का समीकरण कुछ और होता है। यही कारण है कि भाजपा दलित वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए सभाओं को आयोजन कर रही है। बता दें कि जिले की सभी सीटों पर दलित वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
अभी तक यह वोट बसपा को मिलते रहे थे, लेकिन लोकसभा चुनाव में इस वोट बैंक में बड़ी सेंध लगी थी। बड़ी संख्या में दलित वोट भाजपा को मिला था। भाजपा लोकसभा चुनाव का आंकड़ा ही दोबारा दोहराने के प्रयास में है। यहीं नहीं भाजपाइयों ने कुछ माह पूर्व बुलंदहशर के अंसारी चौराहे का नाम बदलकर अंबेडकर पार्क चौराहा रखा है।