अनूपशहर। नरौरा कोतवाली क्षेत्र के गांव बेलोन निवासी विवाहिता श्वेता हत्याकांड में एडीजे अनूपशहर के न्यायालय ने अभियुक्त पति को दोषी करार देते हुए चार वर्ष का कारावास सुनाया है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में आरोपी सास और ससुर को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
वादी मुकदमा विशंभर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री श्वेता उर्फ ज्ञानवती की शादी छह मई 2013 को सुमित कुमार निवासी गांव बेलोन थाना नरौरा के साथ की थी। शादी में छह लाख रुपये दहेज भी दिया था लेकिन ससुरालवाले उससे संतुष्ट नहीं थे। वह उनकी पुत्री से दो लाख रुपये और एक कार की मांग करते थे। आरोप है कि श्वेता के साथ मारपीट की गई। जिसके बाद पिता ने एक लाख रुपये और दिए। इसके बाद भी श्वेता को प्रताड़ित किया जाता रहा।
22 फरवरी 2020 को श्वेता की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पिता की शिकायत पर पति समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में पति सुमित कुमार, ससुर घूरे सिंह उर्फ केशव देव और सास रामश्री देवी के खिलाफ पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अब न्यायालय ने सुमित कुमार को दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोषी करार दिया है। साथ ही उसे चार साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।