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सावन के पहले दिन मंदिरों में गूंजा बोलबम

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सावन के पहले दिन राजराजेश्वर मंदिर में पूजा और जलाभिषेक करते श्रद्वालु। - फोटो : BULANDSHAHR
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सावन के पहले दिन मंदिरों में गूंजा बोलबम
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बुलंदशहर। सावन के पहले दिन रविवार को बोलबम के जयघोष से मंदिर गूंज उठे। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। वहीं, सावन के पहले सोमवार को लेकर नगर समेत जनपद के सभी शिवालयों और मंदिरों में रविवार को तैयारियां चलतीं रहीं। मंदिरों की साफ-साफ सफाई के साथ ही विशेष साज सज्जा भी की गई। भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा।
हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष महत्व होता है। इस पूरे माह में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। पंडित राज शर्मा ने बताया कि सावन माह की शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। वहीं, सावन माह में पड़ने वाले प्रत्येक सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक का चलन है। मान्यता है कि सावन में कांवड़ लाने और व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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सावन के पहले सोमवार के लिए मंदिराें की खास सजावट की गई। मंदिरों के बाहर बेलपत्र, फूल, धतुरे और अन्य पूजन सामग्री की दुकानें लग गई हैं। नगर के प्राचीन राजराजेश्वर मंदिर, भवन मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, कालेश्वर मंदिर, साठा देवी मंदिर, काली मंदिर, शीतलगंज स्थित शिवालय मंदिर, पंचशील कॉलोनी स्थित मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर और गंगेरुवा स्थित श्रीद्वादश महालिंगेश्वर सिद्ध महापीठ में रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इन मंदिराें में सोमवार को भी भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया जाएगा। गुलावठी में बड़ा महादेव मंदिर, शिव शनिदेव मंदिर, मोहल्ला रामनगर स्थित शिव मंदिर, आदर्श नगर स्थित शिव शक्तिपीठ मंदिर एवं अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
इन शिवालयों में भी होगा जलाभिषेक
अहार स्थित अंबकेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर, सिकंदराबाद में बालाजी मंदिर, झारखंडेश्वर मंदिर, राणा राजपूत शिवालय मंदिर, कृष्ण तालाब मंदिर और देवीमंदिर, औरंगाबाद में प्राचीन श्री नागेश्वर मंदिर, शिव मंदिर, जहांगीराबाद में प्राचीन अंबकेश्वर मंदिर, पीतांबरा मंदिर और बीन्नेर मंदिर, बुगरासी में शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर और चामुंडा मंदिर समेत सभी मंदिरों में श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही खुर्जा, पहासू, डिबाई, अनूपशहर, शिकारपुर, स्याना आदि क्षेत्रों के मंदिरों में सभी प्रमुख शिवालयों पर भोले के भक्तों की भीड़ रहेगी।
कोविड गाइडलाइन का पालन कर होंगे भंडारे
सावन माह में शिवभक्तों द्वारा भंडारों का आयोजन किया जाता है। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने नए भंडारों का आयोजन करने के लिए अनुमति देने से इंकार कर दिया है। साथ ही पहले भी जो लोग भंडारा आयोजित करते आ रहे हैं, उन्हें कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करना होगा। नगर समेत जनपद के अन्य क्षेत्रों में पहले सोमवार को भंडारों का आयोजन किया जाएगा।
शिवलिंग की पूजा से मिलती है शांति
श्रीद्वादश महालिंगेश्वर सिद्धमहापीठ के संस्थापक आचार्य मंजीत धर्मध्वज ने बताया कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन माह का प्रत्येक दिवस विशेष महत्व वाला है। पार्थिव (मिट्टी) शिवलिंग बनाकर पूरे सावन भर उस पर धतूरा, भांग, बेलपत्र और दूध अवश्य अर्पित करें। भगवान शिव को नियमित दूध के दान से यश, वैभव और परिवार में सुख शांति की प्राप्ति होती है।
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शिव शक्ति सिद्धपीठ में हुआ रुद्राभिषेक
सिकंदराबाद। औद्योगिक क्षेत्र के गांव राजारामपुर स्थित शिव शक्ति सिद्ध पीठ महाकाल आश्रम में श्रावण मास के पहले दिन रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर स्वामी धर्मज्ञानानंद ने बताया कि आश्रम पर एक माह तक रुद्राभिषेक और हवन-पूजन, भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में निर्मल सिंह प्रधान, रतन सिंह, जीता सिंह, कर्मवीर सिंह, पुष्पेंद्र, रामप्रीत, गंगा पासवान, कुलदीप सिंह, आदि सेवादारों का सहयोग रहा। संवाद
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