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शिवानी की हत्या में पति को आजीवन कारावास

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शिवानी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
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बुलंदशहर। औरैया की रहने वाली शिवानी की अरनिया स्थित ससुराल में हत्या करने के मामले में उसके पति को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 24 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेंद्र पाल सिंह चौहान ने बताया कि 28 मई 2013 को जनपद औरैया निवासी शिवानी की शादी बुलंदशहर के अरनिया निवासी प्रदीप के साथ हुई थी। शिवानी की बहन मोनी की शादी 31 जनवरी 2015 को प्रदीप के भाई योगेन्द्र से हुई। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर प्रदीप ने 13 नवंबर 2017 को शिवानी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के करीब एक वर्ष पूर्व भी मायके में शिवानी पर जानलेवा हमला किया था। इसकी शिकायत औरेया थाने में करने से प्रदीप नाखुश था और उसने तमंचे से गोली मारकर शिवानी की हत्या कर दी थी। शिवानी की बहन मोनी हत्या की चश्मदीद थी और उसी ने मायके वालों को फोन कर वारदात की जानकारी दी थी। इसी के बाद परिजनों ने शिवानी के पति प्रदीप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय दानिश हसनैन ने प्रदीप को पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सना दी है।
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दस गवाहों के बयानों से मिला इंसाफ
प्रकरण में मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल दस गवाह पेश किए गए। जिनमें पहला गवाह वादी महेश सिंह, दूसरी गवाह घटना की चश्मदीद मोनी,मोहित कुमार, मुकेश रहे। सीओ जगदीश सिंह, उपनिरीक्षक भंवरपाल सिंह, पोस्टामार्टम करने वाले डॉक्टर सतीश कुमार, कांस्टेबल डालचंद, सीओ राघवेंद्र मिश्रा, फील्ड यूनिट के कांस्टेबल मुकुल राय की भी गवाही हुई। इन सबके बयानों से शिवानी को इंसाफ मिलने की राह खुली।
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पुलिस ने जुटाए दमदार साक्ष्य, की मजबूत पैरवी
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण में एसपी सिटी के पर्यवेक्षण और मॉनीटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी की भी अहम भूमिका रही। जांच अधिकारी ने केस डायरी मेें सभी जरूरी साक्ष्य जुटाए और
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