बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव गंगेरुआ में अप्रैल 2021 में विवाहिता पिंकी की दहेज की मांग पूरी ना होने पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब एडीजे प्रथम विजयपाल के न्यायालय आरोपी पति को दोषी माना है। साथ ही उसे सात वर्ष कारावास के साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव गंगेरुआ निवासी विवाहिता पिंकी की दहेज की मांग पूरी न होने पर 21 अप्रैल 2021 हत्या हुई थी। मामले में मृतका के मायके वालों ने आरोपी पति पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने आरोपी पति लाला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। साथ ही चार्जशीट न्यायालय में 19 जून 2021 दाखिल कर दी थी। मुकदमे में अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त को दोषी करार दिया है। साथ ही अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश विजय पाल ने लाला को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
गैंगस्टर सुरेंद्र को सात वर्ष की सजा
बुलंदशहर। गैंगस्टर के अपराधी सुरेंद्र सिंह को न्यायालय ने दोषी मानते हुए सात वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त अंकित उर्फ लीलू एवं सुरेंद्र सिंह गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप में लिप्त थे। औरंगाबाद पुलिस ने दोनों को गैंगस्टर में निरुद्ध किया था रिमांड के समय अभियुक्त अंकित उर्फ लीलू किशोर अपचारी होने के कारण यह मामला मात्र सुरेंद्र सिंह के परीक्षण तक ही सीमित हो गया। औरंगाबाद थाने के तत्कालीन प्रभारी वीरेंद्र सिंह बीसारे ने चार अक्टूबर 2013 को मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस को जांच में पता चला कि अभियुक्त सुरेंद्र सिंह निवासी छायसा थाना जारचा जिला गौतमबुद्धनगर का एक संगठित गैंग है। ये गैंग लूटपाट करने के साथ अपने पास अवैध हथियार रखता है। इस गैंग का एक गैंगचार्ट तैयार किया गया। अभियुक्त सुरेंद्र सिंह ने औरंगाबाद क्षेत्र में तमंचे के बल पर बाइक लूट की घटना भी की। पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रेषित किया। अपर सत्र एवं न्यायाधीश विनीत चौधरी ने दोषी सुरेंद्र सिंह को सात वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। संवाद