तपती गर्मी में पेयजल और सिंचाई को लेकर किसानों में हाहाकार मचा है। जिले के 3550 तालाबों में से महज 1252 में ही पानी है। वहीं, 1776 हैंडपंप भी खराब हैं। 260 नलकूपों से भी पानी नहीं निकल रहा है। ऐसे में आम आदमी ही नहीं काश्तकार और बेगुजान परिंदोें की मुश्किलें दोगुनी हो गई है।
जिले में तालाबों की संख्या 3550 है इसमें से महज 1252 तालाबों में ही पानी भरा है। बाकी 2298 तालाब में सूखे पड़े हैं। अरनिया, बीबीनगर, शाकारपुर, पहासू, सिकंदराबाद, ऊचागांव, अनूपशहर, जहांगीराबाद, गुलावठी, अगौता स्याना, डिबाई, बुलंदशहर, लखावटी, दानपुर, खुर्जा, अगौता, स्याना, डिबाई और बुलंदशहर में 33858 हैंडपंप लगे हुए हैं।
इनमें से 32182 हैंडपंप चालू हालत में हैं बाकी 1746 हैंडपंपों ने पानी उगलना ही बंद कर दिया है। जनपद में 757 में 260 नलकूप बंद अवस्था में हैं। नलकूप बंद होने से सिंचाई व्यवस्था चौपट हो गई हैं।
खरीफ सीजन की टेलों की तादाद 1423 थी। इनमें 50 टेलों पर पानी ही नहीं पहुंच सका। डीएम शुभ्रा सक्सेना न संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम ने कहा है अफसर संजीदा नहीं हुए तो उनकी परेशानी बढ़ जाएगी।
संबंधित अधिकारियों को हिदायत दे दी गई है। जल्द ही नलकूप और हैंडपंप ठीक कराए जाएंगे ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम, बुलंदशहर