बिजली बिल फर्जीवाड़े में एसडीओ जहांगीराबाद पर हुई कार्रवाई के बाद बिल घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। लोनी के करीब 20 लाख रुपये के बिजली बिल बुलंदशहर के मोतीबाग कैश काउंटर से डिलीट कर दिए गए थे। तब मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
लोनी के करीब 20 लाख रुपये के बिजली बिल बुलंदशहर से डिलीट कर दिए गए थे। यह बिल नगर के मोतीबाग कैश काउंटर से डिलीट किए गए थे। नगर कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। तभी से मामले की विभागीय जांच कराई जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि मामले में एसडीओ जहांगीराबाद के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
अभी मामले में कई और अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ जहांगीराबाद उस समय लोनी में तैनात थे और उनकी कंप्यूटर आईडी शहर के मोतीबाग बिलिंग सेंटर पर प्रयोग की गई थी। बिल डिलीट को लेकर पावर कारपोरेशन काफी बदनाम रह चुका है। बुलंदशहर, खुर्जा और जहांगीराबाद में करीब पांच करोड़ के बिल डिलीट हो चुके हैं।
मामले में अब चार एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामला खुलने पर ऊर्जा सचिव ने तब मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी। मामले की जांच आज तक चल रही है। एसटीएफ ने पूर्वांचल में गिरफ्तारियां भी की थीं, लेकिन अभी तक मामले की जड़ तक नहीं पहुंच सकी है।
बताया जाता है कि पूरे फर्जीवाड़े में अभियंता और बाबू लिप्त हैं। अधीक्षणअभियंता एके सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले लोनी के बिलों को बुलंदशहर के मोतीबाग कैश काउंटर से डिलीट किया गया था।