काली नदी के आसपास डूब क्षेत्र में बने आशियाने को हटाने के लिए बीडीए की ओर से जारी नोटिस के बाद मकान मालिकों की नींद उड़ गई है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने बीडीए दफ्तर का घेराव कर यातायात रोक दी। मकान मालिकों को कहना था कि नोटिस निरस्त नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखेंगे। देर शाम तक कुछ लोग बीडीए दफ्तर के बाहर धरने पर डटे हुए हैं।
बता दें कि एनजीटी ने बुलंदशहर विकास प्राधिकरण को काली नदी के 200 मीटर के दायरे में हरित पट्टी विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बीडीए ने काली नदी के आसपास अवैध निर्माण को कराने वाले 180 स्वामियों को नोटिस जारी किए थे। जिसमें बीडीए ने एक माह में अतिक्रमण नहीं हटाने पर कार्रवाई का निर्देश दिया था।
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मंगलवार को भी बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष प्रदर्शन करते हुए बीडीए दफ्तर पहुंचे। लोगों ने बीडीए अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर नोटिस वापस लेने की मांग की। गुस्साए लोगों ने बीडीए दफ्तर के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस और भूड़ चौकी पुलिस ने लोगों को हटाने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं नहीं मानीं।
इसके बाद पुलिस ने रूट डायवर्ट कर यातायात सुचारु कराया। महिलाआ ने अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग की। बीडीए उपाध्यक्ष दफ्तर में मौजूद नहीं होने के कारण एक्सईएन ने महिलाओं को समझाया। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक उनके खिलाफ जारी हुए नोटिस की कार्रवाई को समाप्त नहीं किया जाता। विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।