प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वित्त वर्ष 2016-17 में 60 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण होगा। आरइएस (रूरल इंजीनियरिंग सर्विस) को शासन से सड़क निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हो गया है। विभाग की ओर से जनप्रतिनिधियों और विभागाध्यक्षों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्तावों को स्वीकृति मिलते ही सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में सड़का का बुरा हाल है। जर्जर सड़कों से गुजरने में ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। रास्ते खराब होने से वाहनों के मेंटेनेंस का खर्च भी दिनों-दिन बढ़ रहा है। अधिकांश गांवों में लिंक रोड तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं।
इसी समस्या को देखते हुए शासन ने जनपद को 60 किमी. सड़क निर्माण की सौगात प्रदान कर ग्रामीणों को थोड़ी राहत दी है। आरइएस ने जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के साथ-साथ बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर, डिबाई और स्याना के जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण संबंधी प्रस्ताव मांगे हैं।
कई जनप्रतिनिधियों ने प्रस्ताव सौंप भी दिए हैं। सभी प्रस्ताव आने पर विचार किया जाएगा। बाद में 60 किमी. दूरी के वाजिब प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी। एएमए प्रदीप कुमार ने बताया कि आरइएस द्वारा प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस संबंध में सूचना मिल गई है। जिला पंचायत सदस्यों को जानकारी दे दी गई है।
कई मार्गों को होगा कायापलट
क्षेत्र की कई जर्जर मार्गों का जल्द ही कायापलट होगा। जिला पंचायत की बैठक में कई मार्गों निर्माण के लिए प्रस्ताव पास हुआ है। वार्ड नंबर सात की जिला पंचायत सदस्य प्रीति चौधरी के पति अनुज चौधरी ने बताया कि प्रीति चौधरी ने सड़कों को बनवाए जाने की मांग उठाई थी।
बैठक में लखावटी से सैदपुर तक सात किलोमीटर, स्याना से हिंगवाड़ा साढ़े पांच किलोमीटर, स्याना-गुलावठी मार्ग से अहमदानगर तक 11 किलोमीटर, बीबीनगर से बाबूगढ़ छावनी बॉर्डर तक सात किलोमीटर तथा स्याना से सैदपुर तक 13.2 किलोमीटर की नई रोड बनने का प्रस्ताव पास हुआ है।