फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोड नहीं तो, वोट नहीं

Thu, 12 Jan 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
विज्ञापन
समकोला गांव में सड़क नहीं बनने पर आयोजित पंचायत में जुटे ग्रामीण। - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
गुलावठी-समकोला-बागवाला मार्ग का निर्माण न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को ग्राम समकोला के पंचायत घर में ग्रामीणों की एक पंचायत हुई। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उक्त मार्ग का निर्माण न होने के विरोध में आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार के संबंध में मुख्य निर्वाचन आयोग नई दिल्ली को भी एक पत्र भेजा है।  
विज्ञापन


पंचायत को संबोधित करते हुए ग्रामीण रेवती शरण ने कहा कि गुलावठी-समकोला-बागवाला मार्ग की हालत जर्जर है। सड़क पर बने गहरे-गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे है। इस मार्ग पर पड़ने वाले अन्य गांवों के ग्रामीणों से भी संपर्क किया जाएगा तथा उनसे विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने की अपील की जाएगी।

अध्यक्षता कर रहे टेकराम चावड़ा ने कहा कि सड़क का निर्माण न होने के विरोध में विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत को नन्हे खां, सुधीर कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, शुभराती प्रधान, गंगाशरण, जितेंद्र गुर्जर आदि ने संबोधित किया। पंचायत की अध्यक्षता टेकराम चावड़ा ने की तथा संचालन हनीफ ठेकेदार ने किया। ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार के संबंध में एक पत्र मुख्य निर्वाचन आयोग नई दिल्ली को भी भेजा है।
विज्ञापन


‘सड़क बनवाने की जो लेगा जिम्मेदारी उसी को देंगे वोट’
 क्षेत्र के बीछट सुजानपुर गांव के लोगों ने पंचायत कर फैसला लिया है कि उसी प्रत्याशी को वोट करेंगे जो मधुपुरा स्कूल से ककोड़ को जाने वाले जर्जर मार्ग बनवाएगा। बता दें कि क्षेत्र के बीछट सुजानपुर गांव में मधुपुरा स्कूल से ककोड़ को जाने वाला मार्ग काफी समय से जर्जर हालत में है।

इससे ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी यह मार्ग आज तक नहीं बनवाया गया। गांव के राधाचरन, राजकुमार, दिनेश, शिव कुमार, जगपाल, रवींद्र और लोकेश आदि ने बताया कि गांव में मधुपुरा स्कूल से ककोड़ को जाने वाला मार्ग जर्जर हालत में है।

हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग से पैदल निकलना मुश्किल है। ऐसा नहीं है कि इस मार्ग को बनवाने के लिए प्रशासन और शासन के प्रतिनिधियों से मांग न की हो। लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें