बुलंदशहर। टीबी मरीज के पारिवारिक सदस्य होने अथवा संपर्क में आने वालों को बचाव के लिए दवा खिलाई जा रही है। इनके रोग से संक्रमित होने की आशंका है, इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग जिले में क्षय रोग निवारक चिकित्सा (टीपीटी) के तहत दवा खिलवा रहा है।
अभी तक छह माह में जिले में 10,800 लोग टीबी रोगियों के संपर्क में आए। इनमें 10 में टीबी की पुष्टि हुई, 10,696 को दवा खिलाई गई। विभाग का मानना है कि अगर दवा नहीं खिलाई जाती तो रोगियों की संख्या बढ़ सकती थी।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में सघन टीबी अभियान चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य टीबी के छिपे रोगियों को खोजना है। रोगियों की मृत्यु दर कम करना और टीबी से नए लोगों या परिवार के सदस्य को संक्रमण से बचाना भी लक्ष्य है।
इसके लिए विभाग ने इस वर्ष सक्रिय टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों को खोजने का कार्य किया।
पिछले छह माह में 10,800 लोग मिले। इनमें जांच कराने पर 10 में टीबी की पुष्टि हुई। शेष में 10,696 लोगों को दवा खिलाई गई। विशेषज्ञों के अनुसार टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु से होता है। इसके दो प्रकार हैं। पहला, पल्मोनरी टीबी, दूसरा एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी।
पल्मोनरी टीबी में फेफड़े संक्रमित होते हैं। इसकी फैलने की आशंका रहती है। एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी में फेफड़ों के बजाय शरीर के अन्य अंगों पर असर होता है। यह नहीं फैलती है।
यदि किसी को फेफड़े की टीबी हैं तो वह कम से कम 15 व्यक्तियों को टीबी फैला सकता है। इन सभी को संक्रमण से बचाने के लिए टीपीटी (ट्यूबरक्लोसिस प्रीवेंटिव थेरेपी) यानी क्षय रोग निवारक चिकित्सा दी जा रही है।
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ब्लॉक का नाम : संपर्क में आने वाले : टीबी की पुष्टि : दवा खाने वाले : दवा खाने से वंचित
अगौता : 617 : 00 : 617 : 00
अनूपशहर : 585 : 00 : 579 : 06
बीबीनगर : 308 : 00 : 308 : 00
दानपुर : 360 : 00 : 354 : 06
धरपा : 1684 : 08 : 1672 : 04
डिबाई : 294 : 00 : 294 : 00
बुलंदशहर : 642 : 00 : 608 : 34
गुलावठी : 243 : 00 : 232 : 11
जहांगीराबाद : 822 : 00 : 820 : 02
कसेरकलां : 281 : 00 : 278 : 03
खुर्जा : 149 : 00 : 149 : 00
लखावटी : 403 : 00 : 398 : 05
मालागढ़ : 488 : 01 : 482 : 05
मुनी : 268 : 00 : 268 : 00
पहासू : 887 : 00 : 887 : 00
सिकंदराबाद : 861 : 00 : 861 : 00
शिकारपुर : 538 : 00 : 538 : 00
स्याना : 348 : 01 : 340 : 07
ऊंचागांव : 761 : 00 : 750 : 11
वैर : 261 : 00 : 261 : 00
कुल आंकड़े : 10,800 : 10 : 10,696 : 94
नोट : यह आकड़े टीबी मरीजों के संपर्क में आने के बाद दवा खाने वालों के हैं।
कोट
जिले को टीबी मुक्त बना सके इसके लिए कार्य किया जा रहा है। टीबी रोगी मिलने पर उससे वार्ता कर संपर्क में आने वालों की स्क्रीनिंग कराई जाती हैं। लक्षण मिलने पर एक्सरे या बलगम की जांच की जाती है।
- डॉ. हेमंत रस्तोगी,
जिला क्षय रोग अधिकारी