पावर कारपोरेशन में भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड स्वच्छता के नाम पर स्वाहा कर दिया गया। बाबुओं ने अफसरों को बिना सूचित किए ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) का रिकॉर्ड जलाकर राख कर दिया। हद तो तब हो गई जब ओटीएस के रिकॉर्ड जलने की जानकारी पर खंड एक्सईएन ने भी जानकारी से इंकार किया है।
पावर कारपोरेशन के शिकारपुर खंड के दफ्तर के पीछे शुक्रवार दोपहर अचानक धुआं उठता देखा गया। कुछ कर्मियों ने देखा कि दफ्तर के ही दो बाबू विभागीय रिकॉर्ड को जला रहे हैं। कर्मियों ने देखा कि जलाया जा रहा रिकॉर्ड ओटीएस से संबंधित है। रिकॉर्ड जलाने की जानकारी खुद खंड एक्सईएन को भी नहीं थी।
इस बाबत जब खंड एक्सईएन से पूछा गया तो उन्होंने रिकॉर्ड जलाने की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। बाद में मामले के तूल पकड़ते ही एक्सईएन जले हुए रिकॉर्ड को स्वच्छता के चलते जलाने की बात करने लगे। उन्होंने बताया कि जला हुआ रिकॉर्ड पांच साल पुराना है।
बता दें कि दो साल पहले भी इसी प्रकार रात के समय व्यापक स्तर पर रिकॉर्ड जलाया गया था। तब भी मामले में जांच बैठी थी, लेकिन अफसर रिपोर्ट को दबा गए थे।
जलाए गए रिकॉर्ड में ओटीएस योजना के फर्जीवाड़े के दस्तावेज भी
रिकॉर्ड पांच साल पुराना था। पहले इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में कर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड पांच साल पुराना है। स्वच्छता अभियान के तहत रिकॉर्ड को जलाया गया है।- राजीव कुमार सिंह, एक्सईएन, शिकारपुर