मीट बिक्री के लिए व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस प्राप्त करना होगा। इसके बाद मीट की बिक्री वैध मानी जाएगी। लाइसेंस और पंजीकरण के लिए फूड सेफ्टी विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी कर दी गई हैं।
अब तक मीट की बिक्री बेहद गंदे तरीके से की जाती थी। मीट का ट्रांस्पोर्टेशन भी मानक के हिसाब से नहीं हो रहा था। कटान के बाद मीट को रेहड़ी आदि में खुला लाया जाता था। ऐसी स्थिति में रास्ते में पशु का खून टपकता हुआ जाता है।
इससे कई मार मारपीट और हंगामे की नौबत भी आ जाती थी। मीट बिक्री और पशु कटान के लिए व्यापारियों को 12 शर्तों का पालन करना पड़ेगा। बिक्री और कटान को लेकर एक भी शर्त का उल्लंघन हुआ तो लाइसेंस और पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। पंजीकरण और लाइसेंस फूड सेफ्टी विभाग की ओर से जारी किए जाएंगे।