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3418 लोग दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में भी ले रहे थे राशन

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3418 लोग दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में भी ले रहे थे राशन
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बुलंदशहर। जनपद के 3418 लोग बुलंदशहर के साथ दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी राशन ले रहे थे। 9404 राशन कार्ड में इन सभी का नाम शामिल था। लाभार्थियों के सत्यापन में पकड़े जाने के बाद आपूर्ति विभाग ने जिले के राशन कार्डों से इनके नाम निरस्त कर दिए हैं।
इस समय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति माह दो बार निशुल्क राशन का वितरण हो रहा है। जिले में 5.95 लाख से अधिक राशन कार्ड बने हैं। इनसे 25 लाख से अधिक यूनिट जुड़ी हुई हैं। एक बार में 22.50 लाख से अधिक यूनिट को 1.15 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं और चावल का वितरण किया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से 10371 राशन कार्ड का डाटा मिला था। 9404 का सत्यापन कर लिया गया है। इसमें 3418 यूनिट ऐसी मिली हैं, जिनका राशन जिले के साथ प्रदेश दूसरे जिलों और अन्य प्रदेशों में भी लिया जा रहा था। इन सभी का नाम जनपद से हटा दिया गया है। अभी 967 राशन कार्डों में शामिल यूनिट की जांच चल रही है। 2018 में सभी राशन कार्ड में शामिल परिवार के आधार कार्ड जरूरी कर दिए गए थे। इसके बाद ही इसके बाद दो-दो जगह से राशन लेने वाले पकड़ में आए।
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प्रति माह 17090 किलो अतिरिक्त राशन हो रहा था वितरित
एक यूनिट पर पांच किलो राशन दिया जाता है। इसमें दो किलो चावल और तीन किलो गेहूं होता है। इस तरह से 3418 निरस्त यूनिट वाले प्रति माह 17090 किलो राशन प्राप्त कर रहे थे। अफसरों के अनुसार शासन से दो जगह से यूनिट प्राप्त करने वालों का नाम काटने के लिए आदेश दिए थे। यह भी पता किया जाएगा कि यह लोग कब से राशन ले रहे थे। हालांकि शासन से राशन की रिकवरी और किसी भी तरह की कार्रवाई के आदेश नहीं दिए गए हैं।
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क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने वाले 29 के राशन कार्ड हो चुके निरस्त
अपात्र राशन कार्ड धारकाें की लगातार जांच की जा रही है। पिछले दिनों 47 ऐसे किसानों की सूची जारी की गई थी जिन्होंने सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर अपनी तीन लाख रुपये से अधिक की फसल बेची थी। जांच में इनमें से 29 राशन कार्ड धारक किसान अपात्र पाए गए थे। इसके बाद इनके कार्ड निरस्त कर दिए गए थे। इससे पहले सत्यापन में 700 अपात्र राशन कार्ड धारक मिले थे।
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