सिकंदराबाद। पुलिस हिरासत में राशिद की मौत की जांच एसएसपी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट से कराने की सिफारिश की है। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार करके लौटने के दौरान राशिद के भाई से पुलिस ने एक पेपर पर साइन करा लिए थे। इसके बाद पुलिस ने खुद ही तहरीर लिख ली।
नगर के मोहल्ला चौधरीबाड़ा निवासी राशिद को शुक्रवार रात पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक एक फैक्टरी के गार्ड ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। गार्ड ने बताया था कि राशिद चोरी की नीयत से फैक्टरी में घुसा था। शनिवार सुबह राशिद की पुलिस हिरासत में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। मामले में एसएसपी ने कोतवाली प्रभारी राजपाल सिंह तोमर, जीडी मुंशी नीरज पुरी और पहरे पर तैनात सिपाही सचिन मलिक को निलंबित कर दिया था। प्रताप सिंह को नया कोतवाली प्रभारी नियुक्त किया गया है। राशिद के छोटे भाई तारिक अंसारी ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के लिए खुद ही तहरीर लिखी है। राशिद के अंतिम संस्कार कर लौटने के दौरान ही उसे कोतवाली में बुलाकर एक कागज पर साइन करा लिए थे। तारिक ने बताया कि तहरीर में क्या लिखा है, इसकी जानकारी उसे नहीं है। तारिक ने बताया कि अंतिम संस्कार के दौरान राशिद के शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए थे।
मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का कहना है कि राशिद शुक्रवार सुबह घर से काम के लिए निकला था, जबकि पुलिस का दावा है कि एक फैक्टरी में चोरी के लिए घुसने के दौरान उसे गार्ड ने पकड़ा था। अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट की जांच अब सीओ स्याना करेंगे।
हिरासत में लेने के बाद नहीं किया था दाखिल
बताया गया कि शुक्रवार को रात 10:30 बजे पुलिस ने राशिद को हिरासत में लिया। शनिवार सुबह तक उसे जीडी में दाखिल नहीं किया गया। सुबह 6:30 बजे तबीयत खराब होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जीडी में दाखिल नहीं करने पर कोतवाल और जीडी मुंशी और पहरे पर तैनात सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हवालात में मौजूद अन्य लोगों से भी घटना के बारे में पुलिस अधिकारियों ने जानकारी की है।
विवाद के कारण अलग हो गई थी पत्नी
राशिद और उसकी पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। पत्नी बेटे के साथ राशिद से अलग रह रही थी। बेटे से भी वह नहीं मिल पाता था। बताया जा रहा है कि राशिद नशे का आदी था। पत्नी से विवाद के बाद कई-कई दिन तक घर नहीं लौटता था। ऐसे में परिजन भी उसे ढूंढने नहीं जाते थे। इसीजिए शुक्रवार देर रात तक भी राशिद के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश नहीं की थी।
मामले में न्यायिक मजिस्ट्रियल जांच के लिए जिला जज को पत्र लिखा गया है। न्यायिक मजिस्ट्रियल जांच में राशिद की मौत के कारण साफ होंगे। मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। मृतक का बिसरा सुरक्षित रखवाया गया है। भाई द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। उनकी तहरीर के आधार पर ही मुकदमा दर्ज हुआ है। बाकी मजिस्टि्रयल जांच में साफ हो जाएगा। - श्लोक कुमार, एसएसपी