पुलिस पहले ही लेती एक्शन तो बिटिया की नहीं जाती जान
बुलंदशहर। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी से दुष्कर्म की वारदात में पुलिस ने आरोपी को तो जेल भेज दिया, लेकिन आरोपी के परिजनों द्वारा पीड़िता और उसके परिजनों को धमकाने का मामला भी सामने आया है। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस के इसी रवैये के कारण आरोपी के परिजनों को हौसला मिला। जिसके चलते मंगलवार को यह वारदात हुई।
गांव निवासी पीड़ित किशोरी गत 14 अगस्त की दोपहर को गांव की ही एक बगिया में अमरूद लेने गई थी। देर शाम तक वापस न आने पर किशोरी के परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी तलाशने के बाद भी परिजनों को किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन किशोरी बदहवास हालत में बगिया के पड़ोस में स्थित एक गन्ने के खेत से बरामद हुई। मौके से गांव धामनी निवासी हरिश्चंद उर्फ चैंटा को भागते हुए देखने का व उसको पकड़कर पुलिस के हवाले करने का दावा भी परिजनों ने किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, पॉक्सो एक्ट व एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। साथ ही मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो गई थी। लेकिन, आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग पीड़िता और उसके परिजनों को लगातार फैसला न करने पर हत्या की धमकी दे रहे थे। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने पुलिस से भी गुहार लगाई थी। लेकिन, पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया और आरोपियों का हौसला बढ़ता चला गया। इसी के चलते आरोपियों ने मंगलवार को घर में घुसकर वारदात को अंजाम दे डाला और दुष्कर्म की शिकार किशोरी की दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में मौत हो गई।
किशोरी की हालत देखकर दहला ग्रामीणों का कलेजा
दुष्कर्म पीड़िता किशोरी को मंगलवार की सुबह आग के हवाले कर दिया गया, उसकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। घटना की विभीषिका देखकर सभी गांव वालों के रोंगटे खड़े हो गए। मौके पर मौजूद सभी लोग आग बुझाने और किशोरी को बचाने में जुटे रहे।
थाने के चक्कर लगाता रहा पिता
अपनी बेटी के साथ हुई दरिंदगी की घटना के बाद पीड़िता का पिता लगातार तीन महीने से स्थानीय कोतवाली में चक्कर काटता रहा। सूत्रों की मानें तो आरोपियों के परिजनों व रिश्तेदारों द्वारा फैसले का दबाव बनाने की शिकायत करने के बावजूद कोतवाली में तैनात गांव के हलका इंचार्ज ने उसे डरा धमका कर वहां से भगा दिया और भविष्य में कोतवाली न आने की चेतावनी भी दी थी।