मानसून आने को है इसके बावजूद नगर पालिका ने नाले के निर्माण के लिए जगह-जगह शहर में खुदाई करा दी है। इसके चलते शहरवासी परेशान हंै। इसी बीच मंगलवार रात आई बारिश ने लोगों की मुसीबत को दोगुना कर दिया। खुदे पड़े नालों के कारण पूरा शहर पानी-पानी हो गया। कई घरों में पानी घुस गया। सड़कों पर जलभराव से रही सही कसर जाम ने पूरी कर दी।
जानकारी के अनुसार बारिश के मौसम में नगर पालिका करीब दर्जनभर नालों का निर्माण करा रही है। इसके अलावा कई नालों की सफाई भी कराई जा रही है। इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य चल रहा है। इसके चलते विभाग की ओर से जगह-जगह खुदाई की गई है, जिससे मंगलवार रात आई बारिश से शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी भर गया।
कालाआम चौराहा, डीएम रोड, भूड़ रोड, तहसील रोड, टीचर्स कॉलोनी, हाईडिल कॉलोनी, साठा, खुर्जा अड्डा रोड, आवास विकास, राधा नगर इलाकों में जलभराव हो गया। सबसे बुरी स्थिति तहसील रोड स्थित कॉलोनियों की है।इसके अलावा कालाआम चौराहे और साठा में भी नाला निर्माण कार्य के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मामन रोड पर बुधवार दिन में पानी की निकासी नहीं हो सकी।
ईओ एके सिंह का कहना है कि निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही नाला निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। काली नदी के तट पर बसे हजारों परिवारों पर संकटः शहर में काली नदी कभी भी प्रशासन के सामने असह स्थिति पैदा कर सकती है। जल निकासी की समूचित व्यवस्था नहीं होने से नदी के तट पर बसे हजारों परिवारों के सामने बारिश के दिनों में आवास का संकट खड़ा होगा।
नाले की दीवार गिरी, लोगों में आक्रोश
नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल हल्की बारिश ने खोल दी। मंगलवार रात हुई बारिश से पालिका द्वारा निर्माणधीन नाला भर-भराकर गिर पड़ा। नाले का निर्माण एक बच्चे की नाले में डूबने से मौत के बाद कराया जा रहा है। नाले के गिरने से लोगों में आक्रोश है। लोगों ने पहले गुणवत्ता की जांच और बाद में निर्माण कराने की मांग की है।
बारिश से गिरा मकान, पांच घायल
आंधी के साथ आई तेज बारिश से नीमखेड़ा गांव में एक मकान धराशायी हो गया। हादसे में एक महिला समेत पांच लोग घायल हो गए। खास बात यह है कि हादसे की जानकारी के बाद भी अधिकारी और कर्मचारी बेबसी का हाल जानने इदरीश के घर नहीं पहुंचे।
नीमखेड़ा निवासी इदरीश के घर पर उनका छोटा साला और बड़े साले का बेटा आए हुए थे। रात करीब एक बजे अचानक तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इदरीस अपने साले से बात कर रहे थे। बाकी परिजन सो रहे थे। करीब 1.15 बजे तेज हवा और बारिश के दबाव से इदरीश का मकान ढह गया।