झमाझम बारिश से मौसम सुहावना तो हुआ ही, साथ ही यहां के वाशिंदों की दुश्वारियां भी बढ़ा दीं। सोमवार की रात 45 मिनट की बरसात ने नालों की सफाई व जलनिकासी के इंतजाम की पोल खोल दी। इसके चलते सड़कों पर जगह-जगह जलभराव व कीचड़ हो गया। वहीं, तेज हवा व बारिश से बिजली की समस्या भी खड़ी हो गई।
शहरी इलाकों में रात में तकरीबन तीन घंटे बिजली गुल रही। फाल्ट के चलते दो सौ से ज्यादा गांवों की बत्ती अभी भी गुल है। पावर कारपोरेशन के अफसरों का कहना है कि विभाग की टीम व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी है। इसके अलावा तमाम जगह-जगह पेड़ व कच्चे घरों के घराशाई होने की भी सूचनाएं हैं।
बारिश व जलभराव से लोगों को जाम की समस्या भी झेलनी पड़ी। सोमवार रात करीब 12:30 बजे तेज हवा के साथ करीब 45 मिनट तक झमाझम बरसात हुई। इससे शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। नुमाइश मैदान पानी से लबालब हो गया। साथ ही ज्यादातर मोहल्लों की सड़कों पर भी पानी भर गया।
मालूम हो कि बीते दिनों जिलाधिकारी के आदेश पर नालों की सफाई कराई गई थी, पर बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। वहीं, इस बाबत नगर पालिका के ईओ एके सिंह का कहना है कि नालों की सफाई की गई। नालों की क्षमता कम है, इसलिए पानी ओवर फ्लो हुआ है।
तेज हवा के झोंके और बारिश से जिले की बिजली आपूर्ति भी गड़बड़ा गई। शहरी क्षेत्रों में रात में तीन घंटे बत्ती गुल रही, जिससे समूचा शहर अंधेरे में डूबा रहा। फाल्ट के चलते दो से ज्यादा गांवों में अभी भी बिजली नहीं आ रही है। बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर, डिबाई, बीबीनगर, स्याना, औरंगाबाद, ककोड़ व चौला आदि
ग्रामीण इलाकों में फाल्ट से सुबह तक बिजली के दर्शन नहीं हुए। चोला समेत कई स्थानों पर लाइन टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। एसई ओपी यादव ने बताया कि जहां-जहां फाल्ट हुए उनको ठीक करा दिया गया है। तेज आंधी और बारिश सूू बिजली कटौती की गई।