अजय का शव नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर लगाया जाम
शिकारपुर। नगर के मोहल्ला शिवलोक कॉलोनी निवासी अजय का अपहरण के बाद हत्या का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस की पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद अजय के शव को काली नदी में फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को काली नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन शव नहीं मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। ग्रामीणों ने दिल्ली-बदायूं स्टेट हाईवे स्थित जहांगीराबाद चुंगी पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
अजय की बरामदगी के लिए पुलिस ने उसके कुछ साथियों को हिरासत में लिया। जिन्होंने पूछताछ में बताया कि उन्होंने अजय की उसी रात ब्लेड से गले पर वार कर हत्या कर दी थी और शव को काली नदी में फेंक दिया। जानकारी होने पर बृहस्पतिवार सुबह एसपी देहात बजरंगबली चौरसिया और सीओ सुरेश कुमार के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने आंचरु कलां स्थित काली नदी में अजय के शव की बरामदगी के लिए सर्च अभियान चलाया। सर्च अभियान के लिए एसडीआरएफ के गोताखोरों को स्टीमर के साथ बुलाया गया। जिन्होंने सुबह दस बजे तलाश शुरू की, जो शाम तक जारी रहा। शव की बरामदगी न होने से परिजनों का गुस्सा फूट गया। दोपहर दो बजे शिकारपुर स्थित जहांगीराबाद चुंगी पर बैठकर मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी देहात बजरंगबली चौरसिया ने जाम लगाने वालों को काफी समझाया और जाम खोलने की अपील की। लेकिन परिजन शव बरामदगी से पूर्व जाम न खोलने पर अड़े रहे। हालांकि, आश्वासन के बाद शाम करीब छह बजे जाम को खोल दिया गया।
पुलिस पर मामले को छिपाने का लगाया आरोप
परिजनों और रिश्तेदारों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मामले को छिपा रही है। कहा कि पुलिस ने तीन दिन से आरोपियों को हिरासत में लिया है। लेकिन उनसे सख्ती से पूछताछ नहीं की जा रही है, जिसके चलते आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। साथ ही परिजनों ने पुलिस पर एक सफेदपोश नेता के दबाव में काम करने का भी आरोप लगाया है।
हाईवे पर जाम के कारण रूट किया डायवर्ट
हाईवे पर जाम लगने से सड़क पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई, जिसे खुलवाने के लिए पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। डिबाई की ओर से आने वाले वाहनों को डिबाई दोराहे से वाया अनूपशहर या वाया छतारी पहासू होते हुए बुलंदशहर भेजा गया, जबकि बुलंदशहर से डिबाई नरौरा की ओर जाने वाले वाहनों को वाया अनूपशहर या खुर्जा पहासू छतारी होते हुए भेजा गया, जिससे वाहन स्वामियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
काली नदी के पास मिले खून के निशान
बताया गया कि आरोपियों द्वारा शव को काली नदी में फेंके जाने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। इस दौरान पुलिस को मौके पर खून के काफी निशान भी मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
यह था मामला
गत 29 नवंबर को शिकारपुर नगर की नई आबादी मोहल्ला शिवलोक कॉलोनी निवासी प्रमोद कुमार शर्मा का पुत्र अजय लापता हो गया था। बुधवार को परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर तहरीर दी थी। परिजनों ने बताया कि 29 नवंबर की दोपहर एक बजे शिवलोक कॉलोनी निवासी गोल्डी उर्फ दीपांशु अपनी शादी की पार्टी देने के बहाने अजय को बुलाने आया था। उसके साथ तैयबपुर निवासी लोकेश उर्फ भाटी, खुर्जा बस अड्डा निवासी शिवम, हाथरस निवासी सागर ठाकुर और फरीदाबाद निवासी सागर ठाकुर, तैय्यबपुर निवासी सुमित ने तहसील के पास हनी शर्मा के होटल पर शादी की पार्टी की। देर रात 11 बजे तक अजय के वापस न लौटने पर उसकी तलाश की। बाद में वह होटल पहुंचे जहां अजय की मोटरसाइकिल खड़ी थी। पूछने पर होटल मालिक भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया था। मामले में एसएसपी के आदेश के बाद पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण की धारा में रिपोर्ट दर्ज की।
जल्द हत्या का होगा राजफाश
मामले में जल्द ही राजफाश कर दिया जाएगा। अभी तक की जांच में सामने आया है कि उसके दोस्तों ने ही उसकी हत्या कर शव को काली नदी में फेंक दिया है। शव की तलाश काली नदी में की जा रही है।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी