बुलंदशहर। काली नदी का पानी खेतों में भरने से फसलें खराब होने लगी हैं। किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग के लिए भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगों को ज्ञापन भी भेजा है।
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के जिलाध्यक्ष सुनील लोधी ने बताया कि काली नदी में नहर का पानी काट दिया गया है। इससे नदी का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के खेतों में भर गया है। खेतों में पहले से आलू, पालक, मैथली, गाजर, धनिया, गोभी समेत अन्य फसल पानी की जद में आ गई है। इससे इन फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरी ओर इस समय किसान गेहूं समेत अन्य फसलों की बुवाई की तैयारी में लगे हैं। लेकिन खेतों में पानी भर जाने से फसल समय पर नहीं उगाई जाएंगी। ऐसे में काली नदी के किनारे हजारों एकड़ खेतों में फसलों को होने वाले नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि काली नदी की पिछले काफी समय से सफाई भी नहीं कराई गई, जिससे जब भी पानी बढ़ जाता है तो खेतों में पहुंचकर लगातार किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।
यह समस्या गंगा किनारे वाले गांव किरयावली, भटवारा, बैलोट, भाईपुरा, बनवारीपुर घुंघरावली, हुर्थला, आंचरू समेत अनेक गांवों के किसानों को झेलनी पड़ती है। इसलिए किसानों की फसलों के नुकसान की मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजकर किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान बंटी सिंह, सूबेदार अरुण लोधी, सतेंद्र लोधी समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।