फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahar News: छात्र ने खुद पर पेट्रोल डालने की कोशिश की, प्रधानाचार्य निलंबित

विज्ञापन
जहांगीराबाद के शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कॉलेज में प्रदर्शन करते छात्र। संवाद
विज्ञापन
जहांगीराबाद। शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कॉलेज में कथित फीस में अनियमितताओं को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सोमवार को एक बार फिर फूट पड़ा। अपनी पुरानी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इस बीच उन्होंने जाम भी लगाया। इस दौरान एक छात्र ने खुद पर पेट्रोल डालने की कोशिश की। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने अब प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन

छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन उनसे तय शुल्क से अधिक फीस वसूल रहा है और फीस जमा करने पर रसीद नहीं दी जाती है। इसके साथ ही कॉलेज में कक्षाएं नियमित रूप से नहीं चलती हैं। लाइब्रेरी अधिकतर समय बंद रहती है और छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं है।
छात्रों ने बताया कि पांच दिसंबर को भी इन्हीं मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया था। उस समय जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो जांच पूरी हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई। छात्रों का कहना था कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन

धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम प्रियंका गोयल, तहसीलदार संजय कुमार, सीओ अनूपशहर विकास प्रताप सिंह चौहान और जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
इसी बीच धरना स्थल पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक छात्र ने विरोध स्वरूप अपने ऊपर पेट्रोल डालने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कस्बा चौकी प्रभारी दीपक चाहर व अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए छात्र के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। कॉलेज के प्रबंधक सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने प्रधानाचार्य सीपी अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रधानाचार्य के निलंबन की जानकारी मिलने पर छात्रों में कुछ संतोष नजर आया, हालांकि वे आगे की कार्रवाई की मांग करते रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि मौके पर कई छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं। छात्रों की शिकायतों में अधिक फीस वसूली, रसीद न दिया जाना और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी प्रमुख रूप से सामने आई है। जांच के बाद यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिन छात्रों से अधिक फीस ली गई है, वह राशि वापस कराई जाएगी। धरने के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में प्रधानाचार्य को जेल भेजने, छात्रों का शोषण बंद कराने, कॉलेज की व्यवस्था सुधारने और अतिरिक्त वसूली गई फीस लौटाने की मांग की गई।
वहीं, एसडीएम प्रियंका गोयल सहित अन्य अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि अधिक ली गई फीस वापस कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, प्रधानाचार्य सीपी अग्रवाल ने लगाए गए आरोप बेबुनियाद बताए हैं। उनका कहना है कि यह काॅमर्स वर्ग के वित्तविहीन छात्र हैं, जो बिना वजह मामले को तूल दे रहे हैं। शुल्क राजज्ञा के अनुसार लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें